हसनपुर के गांव मड़ैया में भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा की बैठक में मौजूद किसान। स्रोत किस
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हसनपुर। भारतीय किसान यूनियन संयुक्त मोर्चा ने शुक्रवार को गांव में किसान चौपाल का आयोजन किया। इसमें किसानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। साथ ही बिजली के निजीकरण और भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध जताया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजयवीर सिंह ने सरकार पर सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देने के झूठे वादे करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में किसान परेशान है। उन्होंने बिजली के निजीकरण की योजना को किसानों व आम जनता के साथ धोखा बताया। चेतावनी दी कि सरकार का यह कदम उस पर ही भारी पड़ेगा और संयुक्त मोर्चा इसका विरोध करेगा। युवा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीरो टॉलरेंस के दावों पर सवाल उठाया। चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ रिश्वतखोरी और उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो किसान तालाबंदी करने को मजबूर होंगे। इस दौरान गिरेंदर सिंह, लाखन सिंह, निक्की चौधरी, विशाल धारीवाल, राहुल सिद्धू, नित्तिन चौधरी, अंकुर चौधरी मौजूद रहे।
भाकियू ने बिजलीघर पर किया हंगामा
हसनपुर। बिजलीघर पर शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और किसानों ने हंगामा किया। नारेबाजी कर अपनी आवाज बुलंद की। मीटर जेई के कार्यालय के बाहर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया।
पदाधिकारियों ने कहा कि गांव सांथलपुर की मढैया चक निवासी बिजली उपभोक्ता आकाश का आरोप है कि बिजली अधिकारी ने घर पर लगे मीटर को फर्जी बताकर तीस हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जबकि उपभोक्ता पिछले ढाई साल से इसी मीटर के अनुसार बिल जमा कर रहा है। आरोप है कि विभाग के कर्मचारी उपभोक्ता की बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी ने बताया कि अवर अभियंता से फोन पर मामले की जानकारी लेनी चाही तो अवर अभियंता ने सही व्यवहार नहीं किया। जिससे यूनियन के कार्यकर्ताओं में रोष उत्पन्न हो गया और उन्होंने अवर अभियंता के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जल्द ही समस्या का समाधान कराने की मांग की है।