एडीएम व सीडीओ को ज्ञापन देते किसान। स्रोत-स्वयं
अमरोहा। भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर ने किसानों की समस्याओं के संबंध में सोमवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। समाधान की मांग पर नारेबाजी की। किसान ज्ञापन देने के लिए डीएम को बुलाने की जिद पर अड़े गए। हालांकि, डीएम से वार्ता के बाद माने किसानों ने सीडीओ व एडीएम को ज्ञापन सौंपा और धरना समाप्त कर दिया।
भाकियू बीआर आंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी के नेतृत्व में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व कारों से कलक्ट्रेट पहुंचे और धरने पर बैठ गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। जिले में बेसहारा पशु लोगों की जान ले रहे हैं। बिजली विभाग से किसानों परेशान है। हसनपुर विधानसभा जीरो प्वाइंट से शुरू होकर सलारा तक जाने वाले तटबंध मार्ग बदहाल है। आरटीओ द्वारा भी किसानों से अवैध वसूली की जा रही है।
उन्होंने कहा कि किसान अपना टीडीएस लेने के लिए आईटीआर भरते हैं। ऐसे किसानों की सम्मान निधि बंद नहीं होना चाहिए। हसनपुर में प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा हरे भरे बागों को काटकर प्लॉटिंग की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत ठीक नहीं हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य उपकेंद्र तो बने हैं लेकिन वहां कर्मचारियों की तैनाती नहीं है।
ज्ञापन देने के लिए किसान डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा, एडीएम न्यायिक धीरेंद्र प्रताप व एडीएम एफआर गरिमा सिंह ने किसानों को समझाने की कोशिश की। डीएम से फोन पर हुई वार्ता के बाद किसानों ने अधिकारियों को अपना ज्ञापन सौंपते हुए धरने को समाप्त किया है। इस दौरान अंकुर भड़ाना, सोनू गुर्जर, कुलदीप भारती, विजय सैनी, विपिन सागर, कुलदीप सम्राट, मनोज नागर, मोनू भड़ाना, अक्की कसाना आदि शामिल रहे।