अमरोहा। जनपद के गन्ना किसानों का तीन चीनी मिलों पर अभी भी 44.67 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। इनमें अकेले वेब शुगर मिल धनौरा पर 39 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी है। वहीं राणा शुगर मिल बेलवाड़ा पर करीब चार करोड़ रुपये और करीमगंज शुगर मिल शाहबाद पर 1.67 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। गन्ना विभाग ने संबंधित मिलों को जल्द भुगतान करने के निर्देश दिए हैं और चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनपद में करीब 1.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती होती है, जिसके कारण अमरोहा को गन्ना बेल्ट के रूप में भी जाना जाता है। जिले के करीब 1.32 लाख किसान प्रत्येक पेराई सत्र में मुरादाबाद मंडल की दस चीनी मिलों धनौरा, हसनपुर, चंदनपुर, असमोली, बेलवाड़ा, धामपुर, स्योहारा, करीमगंज, चांगीपुर और अगवानपुर को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। इनमें से सात चीनी मिलों ने किसानों के गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कर दिया है और धनराशि किसानों के बैंक खातों में पहुंच चुकी है। हालांकि, धनौरा की वेब शुगर मिल, बेलवाड़ा की राणा शुगर मिल और करीमगंज शुगर मिल पर अभी भी करोड़ों रुपये का भुगतान लंबित है।
डीसीओ मनोज कुमार ने बताया कि वेब शुगर मिल धनौरा पर करीब 39 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। मिल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि 12 करोड़ रुपये एक-दो दिन के भीतर किसानों के खातों में भेज दिए जाएंगे, जबकि शेष 27 करोड़ रुपये का भुगतान 31 जुलाई तक कर दिया जाएगा। दूसरी चीनी मिल भी अगस्त के पहले सप्ताह तक भुगतान कर देंगी। उन्होंने बताया कि यदि किसी भी मिल ने तय समय में भुगतान नहीं किया तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गन्ना सट्टा सर्वेक्षण का प्रदर्शन शुरू, 88 टीमें मैदान में
डीसीओ मनोज कुमार ने बताया कि नए पेराई सत्र को लेकर गन्ना सट्टा सर्वेक्षण का प्रदर्शन शुरू कर दिया गया है। इसके लिए 88 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें प्रत्येक टीम में तीन-तीन कर्मचारी शामिल हैं। ये टीमें गांव-गांव जाकर किसानों को सट्टा सर्वेक्षण का प्रदर्शन दिखाने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का कार्य कर रही हैं।