किसानों की समस्याओं के निस्तारण की मांगों के संबंध में भारतीय किसान यूनियन शंकर ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा गया।
बृहस्पतिवार को भाकियू शंकर के पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत कलक्ट्रेट पार्क में इकट्ठा हुए। यहां किसानों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि सभी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है। किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। अमरोहा के चक्कालीलेट हाल्ट पर रेलवे का कंटेनर डिपो के निर्माण को 480 बीघा जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, जिसके लिए किसानों को जमीन का बाजारी रेट 20 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजा व परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी की मांग रखी गई।
इसके अलावा चालू पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति क्विंटल करने, निर्धारित 15 दिनों में किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान कराने, केसीसी में दोबारा नवीनीकरण कराने पर दोबारा चार्ज न काटने, नए केसीसी जल्द से जल्द बनाने, लिमिट तीन से बढ़ाकर पांच लाख करने, बिजली का निजीकरण न करने, अमरोहा विकास प्राधिकरण का गठन किए जाने, चकबंदी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने, मध्य गंगा नहर फेज 2 बहजोई ब्रांच में करीब छह किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से पानी छोड़े जाने, सभी सहकारी समितियों व निजी दुकानों से उर्वरकों की सैंपलिंग करने की मांग की गई।
इसके अलावा 2012 से बंद पड़ी वेव शुगर मिल को अधिग्रहण करते हुए इसे कान्हा गोशाला के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही सहकारी समिति अमरोहा के गन्ना क्रय केंद्र मुनव्वरपुर, बहादुरपुर, इब्राहिमपुर, जबदा ताजपुर, चमरौवा, खंडसाल व देहरा को बिंदल शुगर मिल चांगीपुर चीनी मिल को आवंटित किए जाने की मांग की गई। मांगों के संबंध में किसानों ने डिप्टी कलक्टर ब्रजपाल सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नेपाल सिंह, विक्रम पवार, राकेश रतनपुर, मोनू चौधरी, सत्येंद्र सिंह, नरेश गुर्जर, हरि सिंह सैनी, बुद्ध प्रकाश, कैप्टन वीर सिंह, डॉ. भाग सिंह आदि शामिल रहे।