परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने परीक्षार्थियों के लिए रणनीति साझा की है। उनका कहना है कि परीक्षा में अब ज्यादा समय नहीं है। एक फरवरी से प्रयोगात्मक परीक्षाओं का दौर शुरू हो रहा है। वहीं, लिखित परीक्षा 24 फरवरी से शुरू हो जाएंगी। उन्होंने परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि सभी विषयों के अध्यायों को विभाजित कर तैयारी करें। इसके साथ मुख्य अध्यायों का भी अभ्यास करते रहें।
अनावश्यक तनाव न लें
परीक्षा को लेकर अनावश्यक तनाव न लें। तनाव में रहने से जो याद किया है, उसको भी भूलने लगेंगे। इसलिए बेहतर है कि परीक्षा के भय को अपने ऊपर हावी न होने दें, और तनावमुक्त रहकर परीक्षा की तैयारी करें। बीच-बीच में शिक्षकों का मार्गदर्शन भी लेते रहें। परीक्षा को लेकर मंडलीय मनोवैज्ञानिक केंद्र से हेल्पलाइन नंबर 7827522224 से भी चर्चा कर सकते हैं।
पुराने प्रश्नपत्रों को दोहराएं
तैयारी बेहतर हो, इसके लिए जरूरी है कि पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को भी हल करें। इससे परीक्षा में लिखने का अभ्यास भी बढ़ेगा और विषयों का रिवीजन भी होता रहेगा। इसलिए तैयारी के बाद प्रश्नपत्रों को हल करने से खुद को परखने और कमजोरियों को दूर करने का मौका भी मिलेगा।
सूत्रों को लिखकर याद करें
गणित व विज्ञान को रटें नहीं। दोनों विषयों के सूत्रों को लिखकर याद करें। सवालों को हल करते समय पुराने प्रश्नपत्रों का भी सहयोग लें। गणित में नंबर अधिक आने की संभावना ज्यादा रहती है। कठिन टॉपिक को अधिक समय देते हुए विषयों को तैयार करें।
मोबाइल, सोशल मीडिया से रखें दूरी
सोशल मीडिया से लगाव और मोबाइल की चाह कहीं न कहीं तैयारियों में जरूर बाधक बनती है। बेहतर रहेगा कि तैयारी के समय मोबाइल से दूरी बनाकर रखें। हां, अगर सोशल मीडिया से परीक्षा की तैयारियां कर रहे हैं, तो ठीक है। लेकिन मोबाइल का प्रयोग सिर्फ तैयारी के लिए ही करें।
स्वास्थ्य का भी रखें ध्यान
तैयारी अच्छी हो इसके लिए स्वस्थ रहना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए नींद भी भरपूर लें। समय से सोकर सुबह जल्दी उठकर परीक्षा की तैयारी करें। देर रात तक जागकर पढ़ने से बचें।