कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे अधिकारी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता कुलदीप संत स्टाफ के साथ अभद्रता, गाली-गलौज व धार्मिक टिप्पणी करते हैं। शाम पांच बजे के बजाय रात आठ बजे तक कार्यालय खुलवाया जाता है। मृतक आश्रित एवं अन्य कर्मचारियों को चपरासी बनाए जाने की लगातार धमकी दी जाती है। विभाग से जुड़े ठेकेदारों के सामने अपने कार्यालय में बुलाकर कर्मचारियों को अपमानित किया जाता है। समय-समय पर कर्मचारियों को निलंबित कराने और एसीआर सेवा पुस्तिका खराब करने की धमकी दी जाती है। एक्सईएन के तानाशाही रवैया के कारण कार्यालय का माहौल खराब हो रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि इस स्थिति में यदि किसी कर्मचारी के साथ दुर्घटना या कोई अनहोनी होती है, तो उसके जिम्मेदार अधिशासी अभियंता कुलदीप संत होंगे। इस दौरान तवरेज अली, मोहम्मद अजहर नावाज, अब्दुल्ला, उपेंद्र कुमार, सुनील कुमार, मोहम्मद फैसल, प्रशांत कुमार, चंद्रशेखर, पिंटू, पंकज कुमार, विपुल कुमार, अंकुश कुमार, सुनील कुमार, नाजमीन कुमार, मोहन सिंह, अमित कुमार, राजन आदि कर्मचारी मौजूद रहे। उधर, अधिशासी अभियंता कुलदीप संत ने आरोपों की निराधार बताया है।