मंगलवार को बार रूम में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री व मुख्य अतिथि राखी शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस प्रतिवर्ष आठ मार्च को विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्रेम प्रकट करते हुए महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों एवं कठिनाइयों की सापेक्षता के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।
प्रदेश कार्यकारणी सदस्य व विशिष्ट अतिथि नीलम वार्ष्णेय ने कहा कि प्रसिद्ध जर्मन एक्टिविस्ट क्लारा जेटकिन के जोरदार प्रयासों के बदौलत इंटरनेशनल सोशलिस्ट कांग्रेस ने साल 1910 में महिला दिवस के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप और इस दिन सार्वजनिक अवकाश को सहमति दी। इसके फलस्वरूप 19 मार्च, 1911 को पहला आईडब्लूडी ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और जर्मनी में आयोजित किया गया। हालांकि, महिला दिवस की तारीख को साल 1921 में बदलकर आठ मार्च कर दिया गया।
मुख्य वक्ता डाॅ. अंकिता चतुर्वेदी ने कहा कि परिवार का सहयोग मिलें तो महिलाएं प्रत्येक मंजिल हासिल कर सकती हैं। कहा कि बेटियों के जन्म पर निराश न हो बल्कि उन्हें अच्छी शिक्षा दें। वह अपनी लग्न व मेहनत से प्रत्येक मुकाम हासिल कर लेंगी। उन्होंने कहा कि बेटियों को जन्म लेने दें। अगर ऐसा न हुआ तो आने वाले समय महिला व पुरुषों का अनुपात बिगड़ जाएगा। इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष सलीम खान, अवनीश शरण बंसल, सर्वेश शर्मा, जिला महामंत्री राजपाल, चंचल सारस्वत, डॉ. नीलम सिंह, स्नेहा चौधरी आदि मौजूद रहे।