अमरोहा। बिजली के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से बिजलीकर्मियों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। नारेबाजी कर अपनी आवाज बुलंद की। साथ ही मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
बिजली के निजीकरण को लेकर बिजलीकर्मी लगातार विरोध जता रहे हैं। बुधवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर बिजलीकर्मी इकट्ठा हुए। उन्होंने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। इंजीनियर राहुल सिंह ने कहा कि आज बिजली के निजीकरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल है। इसके चलते प्रदेश में एक लाख से अधिक बिजलीकर्मी सड़क पर उतर कर विरोध जता रहे हैं। यह एक दिन की सांकेतिक हड़ताल है।
नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने प्रदेश सरकार से मांग की कि बिजली के निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाए। चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश में दो विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण का निर्णय वापस न लिया गया तो वह आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। बिजली कर्मियों के समर्थन में केंद्र व राज्य सरकार के कर्मचारी संगठन, उपभोक्ता संगठन और संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान भी समर्थन दे रहे हैं। इस दौरान तरंग शर्मा, आरके मिश्रा, राजन, राजेंद्र, पुनीत कुमार सोनी, सुरेश वर्मा, यशवंत गौड़, विमल सिंह आदि मौजूद रहे।