ऊर्जा निगम की ओर से बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। बिजनेस प्लान के तहत 26 करोड़ से बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि, जर्जर लाइनें और खंभों को बदलने का काम किया जाएगा। इसका सीधा फायदा जिले की आबादी को मिलेगा। लो-वोल्टेज की समस्या दूर होने के साथ निर्बाध बिजली मिलने की राह आसान होगी। अच्छी बात यह है कि जिलेभर में इस पर काम शुरू हो चुका है, जिसको मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य है।
जिले में चार डिविजन हैं और करीब चार लाख उपभोक्ता हैं। शासन की मंशा है कि बिजली को लेकर उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए ऊर्जा निगम लगातार प्रयासरत है। जनता को निर्बाध बिजली मिल सके, इसके लिए बिजनेस प्लान के तहत जिले विभिन्न काम शुरू कराए गए हैं। जिले के आठ विद्युत केंद्रों पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि होगी, तो 92 नए खंभे लगाए जाएंगे। जर्जर लाइन और बीसीबी भी बदलने की कार्य योजना है।
पिछले दिनों फर्मों को टेंडर जारी होने के बाद इस पर काम शुरू हो गया है। बिजनेस प्लान के तहत 26 करोड़ रुपये इस पर खर्च हो रहे हैं। अप्रैल से गर्मी की शुरुआत हो जाती है और बिजली की मांग भी बढ़ती है। ऐसे में 2025 मार्च तक इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। यह कार्य शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र में कराया जाएगा।
33 केवीए की 25.5 किमी तक बदलेगी लाइन
जिले में 33 केवीए के दस लाइनों को बदला जाएगी। 25.5 किमी दूरी तक लाइन बदलना प्रस्तावित किया गया है। इस पर कार्य भी शुरू हो चुका है। इसके अलावा 92 नए खंभे लगाएं जाएंगे और 16 बीसीबी भी लगेंगी। जिससे आने वाले समय में फाल्ट की दिक्कत दूर हो सकेगी।
आठ विद्युत केंद्रों की होगी क्षमता वृद्धि
जिले में बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि पर भी ऊर्जा निगम का फोकस है। जिससे ओवरलोड के चलते बार-बार होने वाली ट्रिपिंग से राहत मिल सकेगी। इसमें कोराल और जलीलपुर बक्काल बिजलीघरों पर पांच केवीए की जगह 10 केवीए, कुमराला और आजमपुर बिजलीघरों पर 10 की जगह 20 केवीए के ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे। आदमपुर और इशापुर शर्की में 10 के स्थान पर 15 केवीए, हसनपुर तहसील बिजलीघर 15 की जगह 20 केवीए और खरखौदा आजम में पांच की जगह 10 केवीए का ट्रांसफार्मर बदला जाएगा।
330 ट्रांसफार्मरों की भी होगी क्षमता वृद्धि
शहर से लेकर गांव तक बिजनेस प्लान के तहत कार्य हो रहे हैं। विशेषकर कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को बदलने की योजना है। 330 ट्रांसफार्मरों को बदला जाएगा। जिससे आने वाले गर्मी के मौसम में ओवरलोड और फाल्ट की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी। साथ ही 52 नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जाएंगे। इसके साथ-साथ जिलेभर में जर्जर हो चुके खंभे और लाइनों को बदलने पर भी काफी फोकस है। इस पर भी कार्य शुरू हो चुका है।
- बिजनेस प्लान के तहत जिले को 26 करोड़ रुपये का बजट मिला था। इसके तहत तैयार हुई कार्ययोजना पर कार्य शुरू हो गया है। पिछले माह संबंधित फर्मों टेंडर जारी कर दिए गए हैं और कार्य भी शुरू हो गए हैं। टुकड़ों में यह कार्य होंगे और मार्च 2025 तक तक इसे पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है। ताकि, गर्मियों के मौसम में लोगों को कटौती की परेशानी न झेलनी पड़े। सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता, अमरोहा।