बिजली विभाग के पास चेक मीटर का स्टाक खत्म होने का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। आमतौर पर बिजली विभाग के उपभोक्ता ज्यादा रीडिंग आने की शिकायत करते हैं। इस पर बिजली विभाग पुराने मीटर के बराबर में एक नया मीटर लगा देता है जिसे चेक मीटर कहा जाता है।
इसे लगाने के लिए उपभोक्ता से 300 रुपये लिए जाते हैं। एक महीने बाद दोनों मीटर में आई रीडिंग की तुलना की जाती है। यदि दोनों मीटर की रीडिंग में अंतर पाया जाता है तो मान लिया जाता है कि पुराना मीटर कुछ गलत चल रहा है। उपभोक्ता के मीटर में गड़बड़ी पाए जाने पर बिजली विभाग मीटर का पुराना डाटा चेक करता है। इसके बाद उपभोक्ता का बिल उस अवधि का निर्धारित कर दिया जाता है, जब से पहले गड़बड़ी शुरू हुई थी लेकिन करीब 30 दिन से बिजली विभाग के पास चेक मीटर ही नहीं है। ऐई मीटर अपर्णा गुप्ता ने बताया कि एक महीने पूर्व चेक मीटर समाप्त हो गए। एक दो दिन में आए जाएंगे।