हिस्ट्रीशीटर शौकत पाशा की हत्या के आठवें दिन तुर्कों के गांवों में कैबिनेट मंत्री के पुतले फूंक उनकी गिरफ्तारी की मांग की गई। युवाओं ने मुख्यमंत्री से महबूब अली को कैबिनेट से बाहर किए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कैबिनेट मंत्री की जल्दी ही गिरफ्तारी नहीं की गई तो सड़कों पर उतर कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री महबूब अली के रिश्तेदार के पेट्रोल पंप पर हिस्ट्रीशीटर शौकत पाशा की हत्या किए जाने के बाद तुर्कों में कैबिनेट मंत्री के खिलाफ जो गुस्से की आग भड़की वह आठवें दिन भी कम नहीं हुई। रविवार को सैंतली, पलौला और जोई में कैबिनेट मंत्री के पुतले जलाए गए। गुस्साए लोगों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि पुलिस कैबिनेट मंत्री के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी करे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जल्दी ही कैबिनेट मंत्री के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया तो तुर्क समाज का युवा वर्ग सड़क पर उतर कर आंदोलन को मजबूर होगा। इस मौके पर मोहम्मद महराज, सूफी महफूज, शाकिर, डा. मोहम्मद हसन, हाजी आरिफ, इमरान, बब्बन, मौलाना वसीम, आकिब आदि प्रदर्शनकारी मौजूद रहे। जोई और पलौला में तुर्क समाज के लोगों ने कैबिनेट मंत्री के पुतले के प्रतीक बनाए।
शौकत पाशा हत्या के प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज कर कैबिनेट मंत्री की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुतले को दहन कर दिया। शौकत पाशा की हत्या के दूसरे दिन तुर्क बिरादरी में उबाल आ गया था। सैकड़ों की तादाद में लोग सड़क पर आ गए। नेशनल हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। आगजनी भ्ाी की थ्ाी। सभी कैबिनेट मंत्री महबूब अली पर मुकदमें की मांग कर रहे थे। पुलिस उल्टे उन्हीं पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया थ्ाा।