गजरौला। शराबियों ने साले-बहनोई को रस्सी से पेड़ पर बांधकर लटका दिया। सात घंटे तक दोनों पेड़ पर बंधेे यातना से चीखते चिल्लाते रहे। सुबह तलाश में निकले परिजनों ने पेड़ से बंधे देख ग्रामीणों की मदद से उनकी रस्सी खोली। घटना की वीडियो वायरल होने पर हरकत में आई पुलिस ने तीन आरोपियों को उठा लिया।
थाना क्षेत्र के गांव मंदिर वाली भुड्डी निवासी शेर सिंह का कहना है कि उनका बेटा दीपक और दामाद हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर थाना क्षेत्र के नयाबांस गांव निवासी डालचंद बीते मंगलवार रात चकनवाला से मंदिर वाली भुड्डी जा रहे थे। करीब 11 बजे वह शीशों वाली गांव से कुछ ही दूर निकले थे। यहां पर कुछ लोगों नेे झोंपड़ी बना रखी है। बताया जा रहा है कि पुलिस की पहुंच से दूर होने के कारण इस झोपड़ी में दिन भरा शराबियों का जमावड़ा रहता हैै। दिन छिपते ही आसपास के गांवों के ऐसे लोग इकट्ठे हो जाते हैं जो कच्ची शराब पीते हैं।
दीपक व उसका जीजा डालचंद झोपड़ी के निकट रुक गए और शराब पीने लगे। यहां उनकी शराबियों से कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर रात में करीब दो बजेे दोनों के साथ शराबियों ने मारपीट की। इसके बाद उनको रस्सी से बांधकर पेड़ से लटका दिया। रात भर पेड़ से लटके रहे और मदद के लिए चीखते चिल्लाते रहे। बुधवार सुबह वह और अन्य लोग तलाश में निकले। करीब 9 बजे दोनों को पेड़ से बंधा देख होश उड़ गए। इस बीच किसी ने दोनों की वीडियो बना ली। गांव के लोेगों ने बामुश्किल दोनों के हाथों और पैरों में बंधी रस्सी को खोल कर मुक्त किया।
उन्होंने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। इधर वीडियो वायरल होने पर पुलिस हरकत में आई। मौके पर गई पुलिस ने घटना के बारे में ग्रामीणों से जानकारी ली। पुलिस ने प्रमाेद, हुकुम सिंह, महिपाल, चरन सिंह, लोकेश, नंदराम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
एएसी अखिलेश भदाैरिया ने बताया कि इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ रिपाेर्ट दर्ज कर ली गई है। नंदराम, महिपाल और चरन सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
दीपक के पिता ने ग्राम प्रधान से ली थी फोन पर जानकारी
गजरौला। मंगलवार दीपक और डालचंद देर रात तक घर नहीं पहुंचे। जिस पर परिजनों को चिंता हुई। डालू ने कई दिन पूर्व ग्राम प्रधान हरपाल सिंह के कहनेे से कुछ काम किया था। लिहाजा उनसे अच्छी जान पहचान थी। इस कारण ही दीपक के पिता शेर सिंह ने ग्राम प्रधान हरपाल सिंह को फोन किया। उनसे जानकारी ली कि दीपक और डालचंद तो नहीं आए हैं। ग्राम प्रधान ने उनसे कह दिया कि उनके पास नहीं आए थे। संवाद
यातना से बेहाल डालू चिल्लाता रहा बचा लो प्रधान जी
गजरौला। शराबियों ने दीपक और डालू की न सिर्फ पिटाई की, बल्कि उनके हाथों में रस्सी बांध कर पेड़ से लटका दिए। कुछ देर तक यातना को सहन करते रहे, लेकिन बाद में पीड़ा असहनीय होे गई। इसके बाद उन्होंने मदद के लिए चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। रात में लोग गहरी नींद में सोेए हुए थे। इसलिए किसी को आवाज नहीं गई। कोई उनको खोलने नहीं आया तो डालू ने यह कहकर मदद के लिए आवाज लगाई कि बचा लो प्रधान जी।