गजरौला (अमरोहा)। ब्रिटेन से पहुंची टीम में ब्रजघाट और गंगाधाम तिगरी में उनकी गिनती के लिए अभियान चलाया। वहीं विदेशी मेहमानों को देखने के लिए दोनों ही स्थानों पर काफी भीड़ रही।
रविवार को तीर्थ नगरी बृजघाट एवं गंगाधाम तिगरी में मेरी गंगा मेरी डाल्फिन अभियान के तहत उनकी गिनती करने ब्रिटेन की डॉ. गिल ब्रोलिक अपनी टीम के साथ पहुँची और गिनती करने के लिए अभियान चलाया। गंगा में डाल्फिन की गिनती के दौरान ब्रजघाट वन विभाग के अधिकारी भी वहां मौजूद रहे। बताते हैं कि पूरे विश्व में मात्र साढ़े तीन हजार डाल्फिन शेष बची हैं। इनमें 80 प्रतिशत भारत वर्ष में पाई जाती हैं। वर्ष में एक बार डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और वन विभाग द्वारा डाल्फिन की गिनती की जाती है। इस बार गिनती बिजनौर स्थित गंगा बैराज से आरंभ की गई जो कि नरोरा तक होगी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम 15 अक्तूबर तक यह कार्य निपटाएगी। वहीं अमरोहा में डाल्फिन की गिनती करती हुई टीम अपनी मंजिल के लिए आगे रवाना हो गई। उधर, विदेशी मेहमानों का गंगाधाम तिगरी में जोरदार स्वागत किया गया। वहीं उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ भी लगी रही।