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Amroha News: चिकित्सक की आईडी हैक कर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बना दिए फर्जी मेडिकल

Fri, 22 Aug 2025 02:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा। एआरटीओ और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े दलालों ने नया कारनामा कर डाला। चिकित्सक की आईडी हैकर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल बना दिए हैं। इसके आधार पर वाहन मालिकों को ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। प्रकरण की जानकारी होने पर चिकित्सक के होश उड़ गए। उन्होंने सीएमओ और एआरटीओ से शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही नगर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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दरअसल दलालों से निजात पाने के लिए परिवहन विभाग ने आरटीओ कार्यालय से जुड़े सभी कार्य ऑनलाइन कर दिए हैं। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन है। एआरटीओ कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले आवेदक का मेडिकल कराया जाता है। इसके लिए डॉ. इदरीश, डॉ सोहराब मारूफ और डॉ. उमर फारूक नामित हैं। तीनों की आरटीओ कार्यालय से आईडी और पासवर्ड जारी किए गए थे।
नियम यह है कि इनके द्वारा आवेदक का पूरा चेकअप करने के बाद मेडिकल फार्म आईडी पर अपलोड किया जाता है। इसके बाद यह मेडिकल एआरटीओ कार्यालय में ऑनलाइन पहुंच जाता है। डॉक्टर के द्वारा तैयार किए गए मेडिकल के आधार पर ही एआरटीओ कार्यालय से ड्राइवर लाइसेंस जारी किया जाता है। हैरत की बात यह है कि डॉ. सोहराब मारूफ की आईडी जून के महीने में बनी थी। नियमानुसार उनकी आईडी पासवर्ड भी जारी की गई, लेकिन डॉ. सौहराब मारूफ की तैनाती नौगांवा सादात के बस्तापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर है। इसलिए उन्होंने आज तक किसी आवेदक का मेडिकल ही नहीं बनाया।
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डॉ. सोहराब मारूफ के आरोप के मुताबिक उनके बिना बनाए अनजान व्यक्तियों के द्वारा फर्जी तरीके से मेडिकल तैयार करके उनकी आईडी से अपलोड किए जा रहे हैं, उन्हीं फर्जी मेडिकल के आधार पर एआरटीओ कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंस जारी हो रहे हैं। आईडी हैक होने से अनजान डॉ. सौहराब मारूफ को बुधवार को इसकी जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। उनका कहना है कि आईडी पर मेडिकल अपलोड करते समय उनके मोबाइल नंबर पर ओटीपी आना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।
किसी ने उनकी आईडी हैक करके उसमें मोबाइल नंबर भी बदल दिया है। डॉ. सोहराब मारूफ का आरोप है कि एआरटीओ कार्यालय में सक्रिय दलालों के द्वारा किसी कर्मचारी की मिलीभगत से आईडी हैक कर फर्जी मेडिकल तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हैं कि ढाई महीने में कितने फर्जी मेडिकल तैयार किए जा चुके हैं।
दानिश नाम के व्यक्ति ने लिया लोकेंद्र का नाम
डॉ. सोहराब मारूफ ने मामले की शिकायत सीएमओ डॉ. एसपी सिंह से की। साथ ही एआरटीओ प्रशासन बबीता वर्मा को फोन पर भी अवगत कराया है। एआरटीओ बबीता वर्मा ने प्रकरण को गंभीरता से लिया। दानिश नाम के व्यक्ति से फोन पर बात की और मेडिकल बनवाने के बारे में पूछा। पूछताछ के दौरान सामने आया कि दानिश ने किसी लोकेंद्र के माध्यम से अमरोहा सदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल तैयार कराया था। इस काम को कराने के लोकेंद्र ने 200 भी लिए थे। सवाल यह है कि यह लोकेंद्र कौन है। फिलहाल एआरटीओ प्रशासन बबीता वर्मा पूरे मामले की जांच में जुट गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रकरण को गंभीर है। अगर किसी ने आईडी हैक करके या दूसरे तरीकों से गड़बड़ की है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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- मामला मेरे संज्ञान में है। प्रकरण की जांच करा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. एसपी सिंह, सीएमओ
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