अमरोहा। सेवा शर्ताें का उल्लंघन करना अमरोहा जिले के रहने वाले डाॅ. पीतम सिंह को महंगा पड़ेगा। अब उन्हें एक करोड़ जुर्माने के ताैर पर सरकार को अदा करना पड़ेगा। डाॅक्टर पर सरकारी कोटे से पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद सरकारी अस्पताल में सेवा नहीं देने का आरोप है। फिलहाल वह अपनी तैनाती स्थल गाजियाबाद जिला अस्पताल से बिना बताए अनुपस्थित चल रहे हैं। जिसपर महानिदेशक (प्रशिक्षण) चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने डाॅक्टर को नोटिस भेजकर एक करोड़ रुपये सरकारी मद में जमा करने के आदेश दिए हैं। अमराेहा के सीएमओ डॉ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि रजबपुर क्षेत्र के गांव कोटा गांव के रहने वाले डॉ. पीतम सिंह ने चिकित्साधिकारी के पद पर सात अगस्त 2010 को रायबरेली के ऊंचाहार सीएचसी से अपनी सेवा शुरू की थी। इस दौरान डॉ. पीतम सिंह ने सीएमओ रायबरेली के जरिये नीट पीजी-2017 प्रवेश प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदन किया था।
इसके बाद डाॅ. पीतम का चयन डाॅ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में एमडी माइक्रोबायोलाॅजी में अध्ययन के लिए हो गया। यहां पीजी की पढ़ाई पूरी करने के बाद डाॅ. प्रीतम ने दो सितंबर 2020 को विभाग में योगदान आख्या प्रस्तुत की। इसके बाद उनका तबादला जिला एमएमजी चिकित्सालय गाजियाबाद कर दिया गया। यहां के सीएमएस के मुताबिक डाॅ. पीतम सिंह ने अभी तक यहां योगदान नहीं दिया। वह तैनाती स्थल से अनाधिकृत रूप से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं।
सीएमओ अमरोहा डाॅ. योगेंद्र सिंह ने बताया कि विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने नियमानुसार बांड की शर्तों का पालन नहीं किया। इस कारण विभाग ने उनके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक करोड़ रुपये की बांड धनराशि वसूलने के निर्देश दिए हैं। यह धनराशि निर्धारित समयावधि के भीतर राजकीय कोष में जमा कराना अनिवार्य होगा। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो डॉ. पीतम सिंह के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवाद