अमरोहा। आईजीआरएस पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार के निर्देश दिए हैं। कहा कि शिकायतों का गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण हो। शिकायतकर्ता जांच से संतुष्ट होना चाहिए। उन्होंने मौकों का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने ऐसे मामलों के सत्यापन को सीडीओ व एडीएम को जिम्मेदारी भी सौंपी है।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में हुए डीएम निधि गुप्ता वत्स ने कहा कि आईजीआरएस में दर्ज होने वाली शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। असंतुष्ट फीडबैक आने से जिले की रैंक भी प्रभावित होती है जो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन स्तर से इसकी समीक्षा की जा रही है। कहा कि निस्तारण के दौरान मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता से जरूर मिलें।
कहा कि निस्तारण अवधि की समय सीमा से पांच दिन पहले शिकायतों का निस्तारण हो जाना चाहिए। बैठक दौरान डीएम ने कुल असंतुष्ट फीडबैक का 20-20 प्रतिशत स्वयं व सीडीओ तथा 30-30 प्रतिशत एडीएम एफआर व एडीएम न्यायिक को ऐसे मामलों का निस्तारण एक एक सप्ताह में निस्तारण आख्या जमा कराने के निर्देश दिए हैं। बैठक में डिप्टी कलक्टर बृजपाल सिंह, सीएमओ डॉ. सतपाल सिंह, सीवीओ डाॅ. आभा दत्त, तहसीलदार व अधिशासी अधिकारी शामिल रहे।