फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तू कितना बड़ा गुंडा है यहीं चार कागज फाड़ेंगे..जमानत नहीं होने देंगे...और जेल के अंदर भी गोली मरवा दूंगा

विज्ञापन
विज्ञापन
ढबारसी(अमरोहा)। लॉकडाउन के दौरान प्रभावित हुई चकबंदी प्रक्रिया की जांच करने गांव पहुंचे बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी किसानों के बीच आपा खो बैठे। उन्होंने एक किसान को चार कागज फाड़कर जेल भेजने की धमकी दे डाली। जमानत नहीं होने देने का हवाला दिया। इतने पर भी चकबंदी अधिकारी का मन नहीं भरा तो किसान को जेल भेजकर गोली से मरवाने की धमकी दे डाली। चकबंदी अधिकारी के अलफाज सुनकर कुछ किसान का गुस्सा भड़क गया। हंगामा बढ़ता देखकर चकबंदी अधिकारी गाड़ी में बैठकर निकल गए। अब उनकी धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
विज्ञापन

गंगेश्वरी ब्लाकक्षेत्र के गांव फूलपुर में दो साल से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। किसानों की जमीन की कीमत लगने के बाद नक्शा पांच, नक्शा 23 और संशोधित नक्शा किसानों को मिल चुके हैं। मार्च से गांव में चकों की पैमाइश होनी थी। लेकिन लॉकडाउन के चकबंदी प्रक्रिया स्थगित हो गई थी। लेकिन चकबंदी प्रक्रिया स्थगित होने के बाद भी 80 फीसदी किसानों ने अपने खेतों में गन्ने की बुवाई पूरी कर ली। किसान फसलों में काफी लागत लगा चुके हैं। करीब सप्ताह पहले कुछ ग्रामीणों ने डीएम को पत्र देकर पैमाइश कराने की मांग की थी। लिहाजा डीएम उमेश मिश्र के निर्देश पर बुधवार को बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी सचिन चौहान किसानों की राय लेने फूलपुर पहुंचे थे। यहां मौजूद एक किसान ने चकबंदी अधिकारी से कहा कि अधिकतर किसानों ने गन्ने की बुवाई कर दी है। उसमें लागत भी लग चुकी है। ऐसे में पैमाइश होने पर किसानों को काफी नुकसान होगा। फिर क्या था, बंदोबस्त चकबंदी अधिकारी आग बबूला हो गए। उन्होंने किसान को गालियां दी। कहा कि देखते है तू कितना बड़ा गुंडा है। भूखा मर जाएगा। यहीं चार कागज फाड़ेंगे...जमानत नहीं होने देंगे और जेल के अंदर भी गोली से मरवा दूंगा। चकबंदी अधिकारी के अलफाज सुनकर कुछ किसान उग्र हो गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देखकर बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी अपनी गाड़ी में बैठ कर वहां से निकल गए। अब चकबंदी अधिकारी की धमकी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
किसानों की राय लेने गांव में गया था। जहां किसानों के दो गुटों में बहस हो गई। मैंने किसी से कोई अभद्रता नहीं की है।
- नितिन चौहान, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी अमरोहा
मैंने बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी से कुछ किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए कहा था। इस पर उन्होंने मेरे साथ गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दी है। कल उच्च अधिकारियों से मिलूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

- राजेंद्र सिंह, किसान, फूलपुर गंगेश्वरी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें