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Amroha News: बाढ़ प्रभावित गांवों में पनपने लगीं बीमारियां, 43 रोगी मिले

Tue, 12 Aug 2025 02:22 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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हसनपुर के बाढ़ ग्रस्त गांव गंगानगर में स्वास्थ्य कैंप में मरीजों को देखते डॉक्टर। स्रोत डॉक्टर - फोटो : डॉक्टर
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अमरोहा। बाढ़ प्रभावित गांवों में अब बीमारियां पनपने लगी हैं। गांव-गांव बुखार, खांसी-जुकाम और त्वचा संबंधित बीमारियां फैल रही है। सोमवार को डीएम के निर्देश पर हसनपुर, मंडी धनौरा और गजरौला क्षेत्र के चार गांव में कैंप लगाकर मरीजों की जांच की गई। बीमार लोगों को दवाइयां बांटी गई। इस दौरान बुखार के 18 और त्वचा संबंधित रोग के 25 मरीज मिले।
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जिले की हसनपुर और मंडी धनौरा तहसील क्षेत्र के 40 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में है। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण गंगा उफान पर है। जिले में अपना वजूद खो चुकीं बान और गंगा नदी भी इन दोनों उफान पर है। सौ से ज्यादा गांव के खेतों में पानी भर गया है। फासले बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों का तहसील और जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। इन गांवों में स्कूल बंद करने पड़े। लोगों का घरों से निकालना दूभर हो गया है। गांव से शहर आना-जाना जोखिम भरा है।
बाढ़ का दंश झेल रहे लोगों को बीमारी भी चपेट में लेने लगी है। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने स्वास्थ्य विभाग को गांव में कैंप लगाकर दवाइयां बांटने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को मंडी धनौरा, गजरौला और हसनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टरों की टीम क्षेत्र के गांव विशावली, हसनपुर के चकमढैया, दयावली खालसा और गजरौला के तिगरी गांव में कैंप लगाए गए।
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इस दौरान तिगरी धाम में 38 मरीज देखे गए। जिसमें बुखार के छह मरीज मिले। इसी तरह हसनपुर के चकमढैया, दयावली खालसा में 149 मरीजों की ओपीडी हुई। जिसमें बुखार के 11 मरीज मिले। जबकि बड़ी संख्या में खांसी-जुकाम से पीड़ित लोगों को भी दवाई दी गई। इसी तरह विशावली में 45 मरीजों की ओपीडी हुई। जिसमें एक मरीज बुखार का मिला। फंगल इन्फेक्शन के 25 मरीज मिले है। जबकि अन्य मरीज खांसी-जुकाम से पीड़ित थे। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि हर गांव मैं कैंप लगाने के लिए एक दिन तय किया गया है। प्रतिदिन डॉक्टरों की टीम एक-एक गांव में कैंप लगाकर मरीजों को दवाई देगी। इस दौरान मरीजों की डेंगू-मलेरिया की जांच भी की गई लेकिन इन दोनों बीमारियों का कोई भी मरीज सामने नहीं आया है।
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