रजबपुर। किसान समस्याओं को लेकर भाकियू शंकर की महापंचायत हाईवे स्थित अतरासी ओवरब्रिज के नीचे हुई। जिसमें जिले में विकास प्राधिकरण और जिला सहकारी बैंक बोर्ड का गठन करने की मांग उठी। साथ ही ट्रॉमा सेंटर के निर्माण की भी मांग उठी। इस दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन पुलिस क्षेत्राधिकारी को सौंपा।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि बीते तीन सालों में सरकार ने गन्ना मूल्य में कोई वृद्धि नहीं की है, जबकि निकटवर्ती राज्यों जैसे हरियाणा, पंजाब में हमारे प्रदेश से प्रति कुंतल गन्ना मूल्य काफी अधिक है। हर-घर जल हर-घर नल योजना में गांवों में पूर्व निर्मित सीसी, खड़ंजा व डामर सड़कें कार्यदायी संस्था द्वारा तोड़फोड़ कर बर्बाद कर दी गई हैं। उन्हें ठीक कराया जाए। राष्ट्रीय राजमार्गों व लिंक मार्गों पर छुट्टा गोवंशीय पशुओं के द्वारा लगातार मौतें, खूंखार कुत्तों और बंदरों का आतंक रोकने के लिए उचित प्रबंध किया जाए। छुट्टा पशुओं के द्वारा दुर्घटना होने पर मृतक आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। वर्ष 2012 से बंद पड़ी अमरोहा सहकारी शुगर मिल को गन्ना किसानों के हित में पुनः संचालित किया जाए। वंचित हजारों किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना की सभी किश्तें दिलाई जाएं।अतरासी चौराहे का नाम शंकर चौक कराया जाए।
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अगैती प्रजाति का मूल्य सामान्य से अधिक हो
रजबपुर। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अगैती गन्ना प्रजाति का मूल्य सामान्य गन्ना प्रजाति से केवल 10 रुपये प्रति क्विंटल अधिक रखा जाता है, जबकि अगैती प्रजाति सामान्य प्रजाति से प्रति क्विंटल गन्ने पर पांच किलो अधिक चीनी का उत्पादन देती है। सारा लाभ मिल मालिकों को होता है। इसलिए गन्ने की अगैती प्रजाति का मूल्य सामान्य प्रजाति से कम से कम 40 (1 किलो चीनी की कीमत) अधिक तय किया जाए।
खतौनी की त्रुटियों कराया जाए ठीक
रजबपुर। प्रदेश भर में किसानों की खतौनी में उनके हिस्से दर्ज कर नई खतौनी बनाई जा रहीं हैं। जिनमें राजस्व पोर्टल पर आधे से ज्यादा किसानों के नाम, पिता का नाम व हिस्सा गलत दर्ज हो गया है। इस तरह की त्रुटियों को प्रदेश भर में गांव-गांव लेखपालों को भेजकर अभियान चलाते हुए सही कराया जाए।