शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान होने के कारण गंगा में स्नान करने के लिए लाखों श्रद्धालु ब्रजघाट पर पहुंचे। दूरदराज के श्रद्धालु आधी रात के बाद से ही ब्रजघाट पहुंचने लगे थे। जबकि, बड़ी संख्या लोग में रात ही आकर धर्मशालाओं में ठहर गए थे। हजारों श्रद्धालु निजी वाहनों से गंगा के तट पर पहुंचे। जिससे तड़के स्नान कर समय से घर लौट सकें। रात में धर्मशालाओं में ठहरे श्रद्धालुओं ने कार्तिक पूर्णिमा पर तड़के तीन बजे से ही स्नान कर घर का रुख किया, तो हाईवे जाम से जूझने लगा।
वाहनों के पहिए थम गए। लंबी-लंबी लाइन लग गई। शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक हाईवे पर जाम लगा रहा। वाहनों की लाइन मोहम्मदाबाद के सामने तक पहुंच गई। यातायात को संभालने में लगे पुलिसकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर 12 बजे के बाद यातायात शुरू हुआ तो तिगरी गंगा मेले से लौट रहे श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईवे पर आ गए। जिससे दोबारा जाम के हालात बन गए और वाहनों की रफ्तार थमने लगी। हालांकि, जाम नहीं लगा। वाहन रेंग-रेंगकर गंतव्य को रवाना होते रहे। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि हाईवे पर वाहन रेंग-रेंगकर गुजरते रहे।
तीन वैकल्पिक मार्गों से निकाले गए श्रद्धालुओं के वाहन
तिगरीधाम। तिगरी गंगा मेला शुक्रवार को मुख्य स्नान पर सकुशल संपन्न हो गया। यातायात को सुचारू रखने के लिए पुलिस-प्रशासन ने श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर ट्रॉली तीन वैकल्पिक मार्गों के साथ ही तिगरी-गजरौला व तट बांध से भी निकाले। जिससे श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्रॉली के कारण जाम न लगे। टीएसआई धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि तिगरी गंगा मेले से लौट रहे श्रद्धालुओं के अलग-अलग वाहनों से गुजारा गया।
यहां से निकले श्रद्धालु
-श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर ट्रॉली तिगरी-कांकाठेर रोड से होकर कांकाठेर पहुचें। यहां पर राणा प्रताप की मूर्ति से उनको ओसीता जगदेवपुर होकर हाईवे से गंतव्य को रवाना हुए।
-गंगा में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं के कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉली तिगरी-कांकाठेर मार्ग से होकर कांकाठेर से निकलकर हाईवे पर होकर गंतव्य को रवाना हुए।
-गंगा मेले से लौट रहे लाखों श्रद्धालुओं के वाहनों के कारण उनका दबाव उपरोक्त दोनों मार्गों पर ही न रहे, इसके लिए हजारों ट्रैक्टर ट्रॉली मोहरका पट्टी से शहवाजपुर डोर होकर हाईवे पर पहुंच कर गंतव्य को रवाना हुए।