कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा में स्नान कर श्रद्धालुओं ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से घरों का रुख किया, तो सभी मार्ग उनसे भर गए। मार्गों पर कई बार जाम के हालात बने।
शुक्रवार तड़के श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उद्घोष संग पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाई। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने अपना सामान समेटा और घर का रुख कर दिया। मगर, पुलिस ने श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के कारण जाम न लगे, इसके लिए खासी रणनीति के तहत काम किया। लौटने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को तिगरी से गजरौला की ओर नहीं आने दिया। उनको कांकाठेर, ओसीता जगदेवपुर और शहवाजपुर डोर की ओर से गुजारा गया। तीनों मार्गों पर दूर-दूर तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लगी रही।
मेले से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या कम हुई तो उनको गजरौला की ओर भेजा गया। इसके चलते तिगरी से गजरौला तक उनकी लाइन लग गई। इंदिरा चौक पर जाम के हालात बन गए। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का काफिला हसनपुर की ओर मुड़ा तो चौपला पर भी जाम के हालात बन गए। यातायात को संभालने में पुलिस को खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि जाम न लगे, इसके लिए तीन मार्ग से ट्रैक्टर-ट्रॉली गुजारे गए। तीनों मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली का दबाव कम करने के लिए तीन बजे के बाद से गजरौला की तरफ कर दिए गए। कहीं पर जाम नहीं लगा है।