मरीजों को अल्ट्रासाउंड करने के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में मरीज को तारीख पर तारीख दी जा रही हैं। पेट में दर्द व बीमारियों को लेकर अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए करीब पंद्रह दिन आगे की तारीख दी जा रही है।
हसनपुर क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा ही नहीं है। क्षेत्र में संचालित निजी अस्पतालों पर पिछले डेढ़ महीने से ताला लटका हुआ है, जिससे मरीजों को अल्ट्रासाउंड करने के लिए शहरों में जाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को हो रही है।
हसनपुर क्षेत्र में रहरा, ढबारसी और हसनपुर सीएसची हैं। यहां अल्ट्रासाउंड सुविधाओं की कमी के चलते मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब बात गर्भवती महिलाओं की आती है, जिनके लिए नियमित अल्ट्रासाउंड जांचें आवश्यक होती हैं। पहले मरीज जैसे-तैसे निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का रुख कर अपनी जांचें करा लेते थे। लेकिन, बीते डेढ़ माह से निजी अल्ट्रासाउंड केंद्र भी बंद पड़े हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अनियमितताओं के चलते तीन मई को एक साथ पांच निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर ताले लगवा दिए गए थे। इस कार्रवाई के बाद से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए गजरौला, अमरोहा या मुरादाबाद जैसे दूर-दराज के शहरों की यात्रा करनी पड़ रही है। यहां न केवल मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है, बल्कि समय और शारीरिक परेशानी का भी कारण बन रहा है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि हसनपुर जैसे बड़े तहसील क्षेत्र में सरकारी अस्पतालाें में अल्ट्रासाउंड की सुविधा का न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने और सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
सिर्फ एक निजी अस्पताल में है सुविधा
हसनपुर तहसील क्षेत्र में केवल एक निजी अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था है। लेकिन वहां भीड़ अधिक होने के कारण मरीज अन्य शहरों के लिए दौड़ लगा रहे हैं।
सीएचसी में पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए गजरौला भेजा रहा है। जल्द ही हसनपुर में भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा कराई जाएगी। - डॉ.ध्रवुेंद्र सिंह, सीएचसी प्रभारी, हसनपुर