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सावधान: अब यूपी पुलिस के एप से भी हो रही ठगी... पुलिस अफसर बन पीड़ित, FIR लेखक और इनसे संपर्क कर रहे ठग

Fri, 26 Jul 2024 03:14 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

यूपी कॉप एप से नाम-मोबाइल नंबर लेकर साइबर ठग पीड़ितों को कॉल कर रहे हैं। ठग पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ित, एफआईआर लेखक और नामजद आरोपियों से संपर्क कर रहे हैं। एक सप्ताह में दस से अधिक मामले आए सामने हैं। 
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Cyber fraud - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सावधान रहिए, साइबर ठग अब यूपी पुलिस के एप यूपी कॉप से एफआईआर डाउनलोड कर पीड़ितों और आरोपियों के पास कॉल कर रहे हैं। खुद को एसपी कार्यालय या फिर संबंधित थाने के प्रभारी बताते हैं। पूरे प्रकरण का जिक्र करते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन देकर रुपयों की मांग की जा रही है। 
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इसी तरह से एफआईआर में नामजद आरोपियों को फोन करके मुकदमा खत्म करने का आश्वासन देकर ठगने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने यूपी कॉप के नाम से एक मोबाइल एप्लीकेशन लांच किया था। इस एप में कई तरह की सुविधाएं दी गईं हैं। 

जैसे पुलिस वेरिफिकेशन, कैरेक्टर सर्टिफिकेट और कार्यक्रमों के परमिशन जैसी सुविधाएं इस एप में दी गई हैं। इस एप्लीकेशन के माध्यम से किसी भी जिले के किसी थाने में दर्ज एफआईआर की जानकारी ली जा सकती है और एफआईआर को डाउनलोड भी किया जा सकता है। 
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एफआईआर देखने और और डाउनलोड करने की यही सुविधा अब फ्राड का जरिया बन गई है। साइबर फ्रॉड यूपी कॉप के माध्यम से पहले तो एफआईआर की डिटेल ले लेते है, फिर पीड़ित को फोन करके उनके ऊपर ही कार्रवाई करने की धमकी देते हैं या केस को और मजबूत बनाने के लिए एफआईआर में धाराओं को बढ़ाने का लालच देते है। उसके बाद उनसे अपने अकाउंट में रुपये ट्रांसफर कराने के लिए कहते हैं।
 

एफआईआर में पीड़ित का मोबाइल नंबर होता है। साथ ही जिसके खिलाफ एफआईआर कराई गई है उसकी भी डिटेल होती है। ये सारी जानकारी साइबर अपराधी यूपीकाॅप से ले लेते है और पुलिस अधिकारी, विवेचना, फॉरेंसिक जांच अधिकारी के नाम से पीड़ित, एफआईआर लेखक और नामजद आरोपियाें को फोन करके रुपये की मांग करते हैं। पिछले एक सप्ताह में दस से अधिक मामले सामने आए हैं। पुलिस के पास पहुंचे तीन मामलों की साइबर टीम जांच कर रही है।

इस तरह करते हैं फोन
हेलो मैं एसएसपी ऑफिस से बोल रहा हूं। आपने एफआईआर दर्ज कराई है और ये मामला फर्जी पाया गया है। अब मैं इसमें आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने जा रहा हूं, यदि इससे बचना है फौरन मुझे रुपये गूगल पे करो। यदि आपके पास भी ऐसा कोई फोन आता है तो फौरन सावधान हो जाएं और तत्काल पुलिस में इसकी शिकायत करें। यूपी पुलिस का यूपी कॉप मोबाइल एप्लीकेशन का सहारा लेकर लोगों के साथ लाखों की साइबर फ्रॉड किया जा रहा है।
 

कोई रुपये मांगे तो तत्काल दें सूचना
एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि अज्ञात कॉल या संदेश से सावधान रहें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि कोई आपसे रुपये मांगता है या डराता है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। यदि आपको किसी एफआईआर के बारे में जानकारी चाहिए तो पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या निकटतम पुलिस स्टेशन में जाएं। बैंक खाते जानकारी, ओटीपी किसी को न बताएं। इसके बाद भी अगर आप ठगी का शिकार हुए हैं तो स्थानीय पुलिस, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 व cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

केस-एक
साइबर ठग: हेलो कौसर बोल रहे हैं, तुमने एफआईआर दर्ज कराई है।
पीड़ित कौसर: जी सर
साइबर ठग: मैं एसपी कार्यालय से बोल रहा हूं। तुम अपने साथ घटना करने वालों कड़ी कार्रवाई करना चाहते हैं।
पीड़ित कौसर: जी सर
साइबर ठग: हम उनको ठीक ही कर देंगे। बस तुम पांच हजार रुपये गूगल पे कर दो। बढ़िया कार्रवाई होगी।
पीड़ित कौसर: मैं आपको पैसे क्यों दूं

केस-दो
साइबर ठग : शुभम बोल रहे हो
पीड़ित शुभम: जी सर
साइबर ठग : तुमने एफआईआर दर्ज कराई है, आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करुंगा, एसपी कार्यालय से बोल रहा हूं, मगर कुछ खर्चा देना पड़ेगा।
पीड़ित शुभम: साहब, हम तो गरीब आदमी है, कितने रुपये लगेंगे
साइबर ठग: तुम दस हजार रुपये गूगल पे करा दो, साहब की फीस और गिरफ्तारी वारंट इसमें ही हो जाएगा।
पीड़ित शुभम : आपका क्या नाम है
साइबर ठग : इंस्पेक्टर जितेंद्र।
पीड़ित शुभम: मां से लेकर रुपये डलवाता हूं।
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अगर कोई आपको कॉल करके यूपी कॉप एप का नाम लेकर या खुद को पुलिस अधिकारी बताकर रुपये मांगता है तो समझ जाइए कि वह कोई ठग है। तत्काल पुलिस से संपर्क करें। अपनी कोई निजी जानकारी साझा न करें। पुलिस किसी भी पीड़ित के पास इस तरह की कॉल नहीं करती है। पीड़ित किसी को भी रुपये नही दें। साइबर ठग ही इस तरह की कॉल कर रहे हैं। यदि कोई असमंजस की स्थिति है तो थाना प्रभारी, सीओ या फिर मेरे नंबर पर कॉल कर लें। जल्द ही ऐसे आरोपियों को पकड़कर भंडाफोड़ किया जाएगा।-कुंवर अनुपम सिंह, एसपी
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