गजरौला (अमरोहा)। यूपी के कानपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि ने सूबे के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस बीच अमरोहा जिले में समूह में कौवों के मरने के मामले में सरकारी तंत्र की असंवेदनशीलता देखने को मिल रही है। गजरौला में मृत मिले कौवों का न पोस्टमार्टम कराया गया और ना ही कोई अन्य जांच हुई। मरे कौवों को दफना देने के बाद शनिवार को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) ने सिर्फ उन स्थानों को देखा, जहां मृत कौवे पड़े थे।
शुक्रवार को गजरौला के खाईखेड़ा खादर क्षेत्र में 12 और आवंतिका पार्क में चार कौवे मृत पड़े मिले थे। शनिवार को भी खाईखेड़ा खादर में एक मृत कौआ मिला। शनिवार को शाम चार बजे के आसपास मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.ब्रजवीर सिंह और डीएफओ रमेश चंद, डिप्टी रेंजर मनोज कुमार अपनी-अपनी टीमों के साथ आवंतिका पार्क पहुंचे। यहां पहुंचकर मृत कौवों के बाबत आसपास के लोगों से जानकारी ली। इस दौरान पार्क की देखरेख करने वाले गिरीश कुमार ने बताया कि शुक्रवार की देर शाम से चार कौवे पार्क में ही पड़े हुए थे। शनिवार की अपराह्न एक बजे पालिका के सफाईकर्मी उन्हें उठाकर ले गए और डंपिंग ग्राउंड में दफन कर दिया। इस जानकारी के बाद कौवों के मरने की वजह जानने की कोई कोशिश नहीं की गई।
इस बीच समूह में कौवों के मरने की वजह पूछने पर सीवीओ ने ज्यादा ठंड को मौत की वजह बताया। पिछले दिनों की बारिश के बाद से जनवरी के शुरुआती दिनों के मुकाबले तापमान बढ़ने के बावजूद ठंड से कौवों की मौत की बात लोगों के गले नहीं उतर रही है।
शनिवार को भी आवंतिका में एक कौवा मरा मिला। उसे सीवीओ की टीम अपने साथ ले गई। कहा जा रहा है कि उसकी जांच से मौत की वजह जानने की कोशिश की जाएगी। सलेमपुर रोड पर प्याऊ मंदिर के सामने खेत में भी मरे कौवे पड़े होने की सूचना पर टीम मौके पर गई, हालांकि वहां कोई कौआ नहीं मिला।