पिछले दिनों पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्र में हुई बारिश का असर अभी भी देखने को मिल रहा है। जो नदियां पानी के लिए तरस रहीं थी, वह भी उफन पर हैं। इसके चलते फसलें जलमग्न हो गई हैं। रास्तों पर पानी आने के कारण कई गांवों का संपर्क कट गया है। ग्रामीणों पशुओं के लिए चारे की जरूरत को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में बारिश का कहर धीरे-धीरे देखने को मिल रहा है। नदियां भी अपना रौद्र रूप दिखा रही हैं। कैलसा क्षेत्र में गांगन नदी में पानी का बहाव तेज गया। नदी का पानी आने से सैकड़ों बीघा गन्ने व धान की फसल जलमग्न हो गई है। हसनपुर कचिया से गुजर रही गांगन नदी पर बना रपटे से भी नदी का पानी गुजरने लगा। मुरादाबाद दिशा को जाने वाले रास्ते पर बना पुल भी पूरी तरह डूब चुका है।
रास्ते पर पानी व तेज बहाव के कारण आस-पास के करीब 20 से अधिक गांवों का संपर्क भी कट गया है। पानी के चलते नन्हेड़ा, दबका, खेमपुर, हसनपुर, मलपुर, नजराना, चंघेरी, बैरमपुर, मंडैय्यो, फतेहपुर, कैच की पुलिया, भीकनपुर समेत कई गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है।