हसनपुर के गांव बसी कला में छात्र के शव को निकालते ग्रामीण व पुलिस।
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फिल्म दृश्यम तो आपको याद होगी। कुछ इसी अंदाज में जिलेराम ने भी अपने भाई की हत्या कर उसके शव को जमीन में दफना दिया।फर्क बस इतना रहा कि वो फिल्म थी। निर्देशक ने जितना पटकथा में लिखा कहानी उससे आगे नहीं बढ़ी। लेकिन हकीकत में पिक्चर अभी बाकी थी। जिलेराम ने अपने ही घर के कमरे में छह फिट गहरा गड्ढा करके अपने रिश्ते के भाई प्रशांत का शव दफनाया था। पुलिस की पूछताछ के आगे वो ज्यादा देर टिक न सका और राज उगल दिया।
अमरोहा की हसनपुर कोतवाली के गांव बसी कला निवासी राज मिस्त्री हेतराम का 13 वर्षीय बेटा प्रशांत मछरई के निजी स्कूल में कक्षा छह का छात्र था। 15 दिसंबर को वह खेत से घर लौटते समय लापता हो गया था। परिजनों ने तलाश किया। लेकिन कोई सुराग नही लगा। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि सोमवार को शक के आधार पर पुलिस ने गांव के ही जिलेराम को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जिसमें उसने हत्या का राज उगल दिया।
बताया कि हत्यारोपी जिलेराम मृतक छात्र प्रशांत के पिता हेतराम के साथ राज मजदूरी करता था। हेतराम ने उसे डेढ़ महीने की मजदूरी नहीं दी। जिसके बाद वह हेतराम के परिवार से रंजिश मानने लगा। अपने भाई महेंद्र के साथ मिलकर उसने प्रशांत को अगवा कर लिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या का खुलासा न हो इसलिए घर में ही गड्ढा खोदकर शव को जमीन में दफना दिया।
अपने बेटे की हत्या की ऐसी कहानी सुन फफक पड़ा पिता
हसनपुर के गांव बसी कला में छात्र का शव बरामद होने के बाद विलाप करते पिता को संभालते लोग।
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जिलेराम प्रशांत के पिता के साथ राज मजदूरी करता था। महज इतनी सी बात पर वह उसके पिता से रंजिश मानने लगा था क्योंकि उन्होंने उसकी मजदूरी नहीं दी थी। मजदूरी न मिलने से नाराज जिलेराम उसे दुख देने के लिए षड्यंत्र रचने लगा। जानकारी के मुताबिक 15 दिसंबर को प्रशांत अपने परिवार के साथ गन्ने के खेत पर गया था। खेत से यह कहकर चला था कि वह घर जा रहा है। लेकिन प्रशांत घर नहीं पहुंचा।
शाम को जब परिजन घर आए तो देखा बेटा घर पर नहीं है। इसी बात से परेशान होकर सारी रिश्तेदारियों में उसकी तलाश की। लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा। पुलिस को सूचना देकर गुमशुदगी भी दर्ज कराई। हालांकि शुरुआत में पुलिस की कार्रवाई भी धीमी ही चली। लेकिन जिले में लगातार मासूमों के अगवा होने और उनकी हत्या की घटनाओं से अमरोहा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे थे।
ऐसे में इस मामले में पुलिस ने कुछ कार्रवाई की। सोमवार को शक के आधार पर जिलेराम को उठाया और सख्ती से पूछताछ की। जिलेराम ने पूरी घटना उगल दी। उसने बताया कि मजदूरी न मिलने से वह नाराज था। इसी गुस्से में उसने अपने भाई महेंद्र के साथ मिलकर प्रशांत को अगवा कर लिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या का खुलासा न हो इसलिए अपने घर के एक कमरे में लगभग छह फिट गहरा गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया। प्रशांत की हत्या उसी दिन कर दी गई जब उसे अगवा किया। इसके बाद से जिलेराम के परिजन भी घर में थे। लेकिन उन्हें भी कानों-कान खबर न हुई कि घर में कोई शव दफन है। एसपी अमरोहा सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।