पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि, हनीमून को दुल्हन सोने के जेवरों से लदकर और सुखप्रीत काफी रुपये लेकर निकला था। पिता महेंद्र रो-रोकर एक ही बात कह रहे थे कि, रुपये लेने के बाद दोनों की जान ही बचा लेते। पंजाब के फिरोजपुर जनपद के कालखुर्द थाना क्षेत्र के मुंधकी गांव निवासी 30 वर्षीय सुखप्रीत सिंह पुत्र महेंद्र सिंह कनाडा में रहता है। 20 दिन पहले ही उसकी शादी हुई थी।
वह 26 मार्च को पत्नी करमजीत कौर (28) और चचेरे भाई प्रदीप सिंह, इसकी पत्नी राजदीप कौर, प्रदीप के तीन वर्षीय बेटे अभिजीत सिंह और मामा के बेटे नवजोत सिंह के साथ हनीमून पर देहरादून गया था। हनीमून से वापस आते समय बुधवार रात सभी रामपुर के बिलासपुर थाना क्षेत्र के पिपलिया गांव में सुखप्रीत के फूफा गुरूचरन सिंह के घर रुके थे। बृहस्पतिवार की तड़के ही उठकर पंजाब के लिए जा रहे थे।
कार सुखप्रीत चला रहा था, तड़के चार बजे कार हाईवे पर चक रुस्तमपुर गांव के सामने पहुंची ही थी कि, सुखप्रीत को नींद आ गई। इसके कारण तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। कार सवार तीन वर्षीय मासूम को छोड़कर सभी घायल हो गए।
सूचना पर रजबपुर थाना पुलिस, सरकारी एंबुलेंस और हाईवे एंबुलेंस मौके पर पहुुंचे। घायलों को जोया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां पर डाक्टरों ने देखते ही सुखप्रीत व इसकी पत्नी करमजीत कौर को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल प्रदीप, इसकी पत्नी राजदीप कौर व नवजोत सिंह को प्राथमिक उपचार के बाद मुरादाबाद रेफर कर दिया। थाना पुलिस ने हादसे की इनके परिजनों को खबर दी। पंचनामा भर कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।