गजरौला(अमरोहा)। पांच वर्ष पूर्व फर्जी देह व्यापार के धंधे का खुलासा करने वाले तत्कालीन सीओ समेत दस पुलिसकर्मियों पर सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है। वहीं होटल प्रबंधन के मुताबिक विवाह का सीजन चलने के कारण पूर्व सीओ से केवल कुछ दिन के लिए कमरा खाली करने को कहा गया था, इस बात से गुस्सा होकर उन्होंने होटल में फर्जी सेक्स रैकेट का आरोप दिया। उनके कृत्य से ग्राहकों समेत सभी का चरित्र कलंकित कर दिया। होटल प्रबंधन को उम्मीद है कि अब हमें न्याय मिलकर रहेगा। साथ ही सभी आरोपी जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
गुरुवार को फोन पर हुई वार्ता में होटल के एमडी एवं उनके मामा एयरफोर्स से सेवानिवृत्त फ्लाइंग आफीसर ने बताया कि वह तो खाकी को रक्षक ही समझते थे। यही सोचकर तत्कालीन सीओ को अपने होटल में मुफ्त में रहने को कमरा भी दिया हुआ था। उन्होंने तो सिर्फ उनसे इतना अनुरोध किया था कि होटल पहले से ही शादी के लिए बुक है। इसलिए कुछ दिनों के लिए रूम खाली कर दें। इस बात से वह नाराज हो गए और उन पर सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाकर होटल में मौजूद ग्राहकों तक को पकड़ लिया और सभी का चरित्र कलंकित कर दिया। बताया कि जमानत मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली और मामले की सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की।
ये था मामला
चार मई 2015 को मंडी धनौरा के तत्कालीन सीओ मोहन लाल ने नगर में हाईवे स्थित होटल पर छापेमारी कर देह व्यापार के बड़े रैकेट को पकड़ने का दावा किया था। होटल स्वामी के मामा एवं एयर फोर्स से सेवानिवृत्त एक फ्लाइंग आफिसर समेत 13 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं होटल मालिक ने पुलिस की इस कार्रवाई को फर्जी बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें मंडी धनौरा के तत्कालीन सीओ मोहन लाल, थाना गजरौला में तैनात तत्कालीन एसआई विजय कुमार यादव, एसआई नीरज कुमार, एसआई आरसी वर्मा, सिपाही सुरेश कुमार, हिम्मत सिंह, कृष्णपाल सिंह, मोनू तोमर, ऋतु ढाका, संध्या त्यागी पर फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। एक अगस्त 2020 को इन सभी के खिलाफ गजरौला थाने में धारा 166, 166ए, 203, 211, 342 एवं 34 के तहत मुकदमा पंजीकृत हो चुका है।