गजरौला। नगर के आसपास बिना बैनामा कराए किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर मुआवजा वितरित करके यूपीसीडा के तीन सेवानिवृत्त अफसरों द्वारा 30 करोड़ रुपये से अधिक का गबन करने के मामले की जांच से क्राइम ब्रांच ने इन्कार कर दिया है। अब थाना पुलिस ही इस मामले की जांच करेगी।
यूपीसीडा के प्रबंधक गोपाल प्रसाद ने बीते साल नवंबर में निर्माण खंड-4 अलीगढ़ के तत्कालीन अधिशासी अभियंता अजीत सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक तेजवीर सिंह व अधिशासी अभियंता दीपचंद के खिलाफ 30 करोड़ रुपये के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीनों अधिकारियों ने नगर के हाईवे किनारे स्थित नाईपुरा खादर की 1756 एकड़ व फाजिलपुर गोसाईं गांव की 151.32 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया।
तीनों ने किसानों को उस समय मुआवजे के रूप में करीब 30 करोड़ रुपये का वितरण कर दिया। मगर तीनों ने इस दौरान बड़ी लापरवाही बरती। अधिग्रहण की गई जमीन का किसानों से बैनामा नहीं कराया। उनको जमीन का औने-पौने दाम का मुआवजा वितरित कर दिया। मामले की पोल यूपीसीडा के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच में खुली। जिसके बाद तीनों सेवानिवृत्त अधिकारियों पर मुआवजा राशि के गबन का आरोप लगा।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यूपीसीडा के प्रबंधक गोपाल प्रसाद ने तीनों के खिलाफ थाना गजरौला में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस प्रकरण की जांच इंस्पेक्टर क्राइम जितेंद्र सिंह को सौंपी गई। उन्होंने जांच शुरू की थी लेकिन अधिकारियों ने उनसे जांच लेकर क्राइम ब्रांच को सौंप दी। मगर क्राइम ब्रांच ने जांच करने से हाथ खड़े कर दिए। अब दोबारा थाना पुलिस को गबन के मामले की जांच सौंपी गई है।
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गबन मामले की जांच इंस्पेक्टर क्राइम जितेंद्र सिंह कर रहे हैं। क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच से इन्कार कर दिया है, इसकी जानकारी नहीं है। - श्वेताभ भास्कर, सीओ, मंडी धनौरा
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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में बनाया गया आईसालेशन वार्ड। संवाद