विश्वकप जीतने के बाद पहली बार रोहतक पहुंची शैफाली वर्मा।
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महिला विश्व कप जीतने के बाद फाइनल मैच की हीरो रही शैफाली वर्मा रविवार को रोहतक पहुंची। सबसे पहले सांपला में एडीसी नरेंद्र कुमार व जिला खेल अधिकारी अनूप ने स्वागत किया। दिल्ली बाईपास स्थित सर्किट हाउस में सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने हरियाणा सरकार की ओर से स्वागत किया। शैफाली वर्मा को भव्य रैली के रूप में ढोल नगाड़ों के साथ रोहतक स्थित घनीपुरा में उनके घर ले जाया गया। ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद पूरी टीम में आत्मविश्वास भर गया था क्योंकि हर बार ऑस्ट्रेलिया की लाइन पार नहीं कर पाते थे। फाइनल में हमने सोच लिया था ये सात घंटे में अपनी जान लगा दे वैसा ही पूरी टीम ने किया।
शैफाली ने कहा कि मेरा पिछला एक साल काफी कठिनाइयों भरा रहा, लेकिन इस विश्व कप में भगवान ने उन्हें एक मौका दिया। मौके का उन्होंने भरपूर फायदा उठाते हुए बेहतरीन प्रदर्शन करने का प्रयास किया और पूरी टीम की मेहनत से हम विश्व कप जीते। आज उसी का नतीजा है कि मेरा इस तरीके से भव्य स्वागत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फाइनल मैच बहुत बड़ा था कुछ झिझक जरूर थी लेकिन दिल में ठाना था कि अच्छा करना है अपने आप को शांत रखा और अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया। जब बॉलिंग करने के लिए उन पर भरोसा जताया तो उनके मन में था कि किसी तरीके से पहले ही ओवर में विकेट मिले। जो पार्टनरशिप चल रही थी वह फाइनल मैच के लिए खतरा थी और भगवान ने उनकी सुनी, पहले व दूसरे ओवर में ही विकेट मिल गए। जिससे पूरी टीम उत्साहित हुई और टीम जी जान से लड़ाई लड़ रही थी क्योंकि वह लड़ाई देश के सम्मान के लिए थी।
शैफाली ने कहा कि सचिन तेंदुलकर मैच देखने आए उससे उन्हें ओर भी एनर्जी मिली, क्योंकि वे सचिन तेंदुलकर को अपना आइडल मानती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जो उन्हें समय दिया उसके लिए वह धन्यवाद करती हैं और गर्व महसूस करती है।
उन्होंने देश की बेटियों से कहा कि अपने ऊपर विश्वास रखें और मेहनत करें चाहे वह कोई भी फील्ड हो सफलता जरूर मिलेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि परिवार का हमेशा मेरे सिर पर हाथ रहता है और जब भी मेरे खेल में कोई कमी रहती है तो मेरे पिता मुझे समझाते हैं। जिसकी वजह से मुझे मोटिवेशन मिलता है।