अमरोहा। तमाम प्रयासों के बाद भी गोवंशीय पशुओं संरक्षण के लिए बनाई गई गोशालाओं की दशा सुधरने का नाम नहीं ले रही है। गोशालाएं खस्ताहाल हैं। गोवंशीय चारे के नाम पर पशुओं को सूखा भूसा ही मिल पा रहा है। कांठ रोड स्थित अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल में सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं मिली। पशुओं के सामने हरे चारे के स्थान सूखा भूसा देखने को मिला। जबकि ढबारसी के सांथलपुर और जोया स्थित गोशाला की स्थिति भी बेहद खराब मिली। अधिकांश पशु कमजोर हालत में थे।
सर्दी की शुरुआत हो चुकी है। लेकिन पालिका क्षेत्र में बने अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल में गोवंशों को ठंड से बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। गाेवंशों के लिए अभी तक भी काऊकोट की व्यवस्था नहीं हुई है। वहीं, गाेवंशों को सूखा चारा ही दिया जा रहा है। हरे चारे की कोई व्यवस्था गोवंशों के लिए नहीं की गई। ये स्थिति शुक्रवार की सुबह 11 बजे देखने को मिली। पशुओं के सामने सूखा भूसा पड़ा था। उनके खाने के लिए हरा चारा नहीं दिखा। उनके बैठने के लिए पुराल तक नहीं बिछी थी। जिससे वे सही तरह से बैठ नहीं पा रहे थे। गोशाला में 121 पशु मौजूद थे।
दोपहर 2:30 बजे: मंडी धनौरा
नगर पालिका द्वारा संचालित कान्हा गौशाला में आमतौर पर सभी व्यवस्थाएं सही मिलीं। शुक्रवार की दोपहर करीब 2:30 बजे पशु आराम कर रहे थे। सर्दियों से गोवंशीय पशुओं को बचाने के लिए काऊकोट तैयार किया जा रहे हैं। इसके लिए जूट की बोरे मंगा लिए गए हैं। खुले में उनके ऊपर तिरपाल की व्यवस्था कर दी गई है। पानी की व्यवस्था के लिए भी साफ पानी मौजूद था। यहां कान्हा गौशाला में कुल 124 गोवंशीय पशु है।
दोपहर 2:30 बजे: हसनपुर
हसनपुर की कान्हा गौशाला में 250 पशु मिले। शुक्रवार की दोपहर 2:30 बजे पशु सूखा भूसा खाते हुए मिले। सर्दी से बचने के लिए को कोउकोट तैयार किए जा रहे हैं। पशुओं के लिए पीने का पानी गंदा था। 50 से अधिक पशुओं की हालत बेहद कमजोर थी। जिससे साफ है कि पशुओं को देखभाल सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
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दोपहर 2:15 बजे: गजरौला
गजरौला की कान्हा गोशाला में 179 गोवंशीय पशु मिले। जिनको सुबह और शाम भूसे में हरा चारा मिलाकर खिलाया जाता है। घरों से एकत्र होने वाली रोटियां भिगोकर भूसे में मिलाई जाती हैं। शुक्रवार की दोपहर एक बजे पशु सूखा भूसा खा रहे थे। बताया गया कि काउकोट तैयार हो गए हैं। रात में डाले जाते हैं।
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दोपहर 3:15 बजे: नौगांवा सादात
नौगांवा सादात की अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में गोवंशीय पशु पेड़ों के नीचे बैठे हुए थे। इस दौरान दो पशु बीमार स्थिति में मिले। एक पशु का एक सींग टूटा हुआ था। जिस पर पट्टी हो रही है। जबकि एक बैल के गले पर फोड़ा निकल रहा था। दोनों पशुओं की हालत बेहद कमजोर थी। पशुओं के खाने के लिए सूखा भूसा पड़ा हुआ था। जबकि गोशाला पर मौजूद कर्मचारी हरे चारे की कुट्टी काटने की तैयारी कर रहे थे।
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गोशाला में पशुओं के खाने-पीने लिए मुकम्मल व्यवस्था की गई है। भूसे के साथ हरा चारा दिया जा रहा है। यदि फिर भी कहीं लापरवाही बरती जा रही है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-राजेश कुमार त्यागी, जिलाधिकारी अमरोहा