मुखबिरी के शक में चौकीदार और दुकानदार की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में दोषी पाए जाने पर विशेष सत्र एवं एससी/एसटी न्यायाधीश बीडी भारती ने तीन लोगों को आजीवन कारावास और तीन लाख एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। तीनों को मुरादाबाद जेल भेज दिया गया है।
थाना सैदनगली के गांव हुसैनपुर निवासी प्रकाश पुत्र घासीराम प्रजापति, क्षेत्र के ही गांव सुतारी निवासी राजपाल पुत्र थान सिंह के यहां चौकीदार था। इसी गांव का रहने वाले कलुआ पुत्र इमरत जाटव की सुतारी में टायर में पंक्चर बनाने की दुकान थी। साथ ही वह पड़ोस में ही स्थित अपनी जमीन की देखरेख भी करता था। 30 अप्रैल 2009 की रात कलुआ और प्रकाश दुकान की छत पर सो रहे थे।
इस दरम्यान दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। विवेचना के दौरान तीन कातिलों के नाम सामने आए थे, जिनमें मुंशी उर्फ बाबू पुत्र फहमुद्दीन, विनोद पुत्र लटूर गुर्जर निवासीगण गांव दौलतपुर कोतवाली हसनपुर, समरपाल पुत्र अमीचंद गुर्जर निवासी गांव कथना थाना सैदनगली थे।
बताया जाता है कि, मुंशी अवैध हथियारों का कारोबार करता था, जिसे पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। मुखबिरी का शक वह कलुआ पर करता था। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता बसंत सिंह ने तमाम दलीलें पेश कीं।
इसके बाद न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी पाकर आजीवन कारावास के आदेश दिए। मुंशी व समरपाल को एक-एक लाख, जबकि विनोद को एक लाख एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।