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'एनकाउंटर वाली पुलिस' मुश्किल में: व्यापारी को मुकदमे में फंसाने के मामले में छह पुलिसकर्मियों पर एफआईआर, पढ़ें ये मामला

Fri, 27 May 2022 09:02 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा

सार

अमरोहा में व्यापारी को एनकाउंटर करने की धमकी और झूठे मुकदमे में फंसाने के मामले में पुलिस कर्मी फंसे। कोर्ट ने शाहजहांपुर में तैनात इंस्पेक्टर समेत छह पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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न्यायालय ने अमरोहा नगर कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेक्टर और चार दारोगा समेत छह पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिए हैं। पुलिस कर्मियों पर व्यापारी से दुर्व्यवहार करने झूठे मुकदमे में फंसाने और एनकाउंटर करने की धमकी देने का आरोप है। दुकान में चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने के बाद आरोपी पुलिस कर्मियों ने व्यापारी का उत्पीड़न किया था। डीआईजी के आदेश पर एसएसपी मुरादाबाद ने की जांच में भी सभी पुलिस कर्मी दोषी पाए गए थे।

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यह मामला अमरोहा की नगर कोतवाली से जुड़ा है। मोहल्ला दरबारे कलां निवासी नवाब अली गांधी मूर्ति तिराहा पर दुकान चलाते हैं। 15 दिसंबर 2019 और 18 मार्च 2020 की रात उनकी दुकान में नकब लगाकर चोरी की घटना हुई थी। चोर सीसीटीवी में कैद हो गए थे। इस मामले में नवाब अली ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।

आरोप है कि चोरी के आरोपियों को पकड़कर छोड़ दिया था। इसके बाद व्यापारी नवाब अली ने नगर कोतवाली पुलिस के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल के अलावा डीजीपी और आईजी समेत अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा था। शिकायत से बौखलाए तत्कालीन इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह, दारोगा राजेंद्र पुंडीर, लोकेंद्र त्यागी (अब निरीक्षक), अनीस अहमद, क्राइम ब्रांच मे तैनात दारोगा किरनपाल और सिपाही प्रमोद कुमार ने पीड़ित व्यापारी नवाब अली के साथ गाली-गलौच की। दुकान पर जाकर दुर्व्यवहार किया गया। झूठे केस फंसाने की धमकी दी गई।

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इतना ही नहीं गाड़ी में डालकर एनकाउंटर करने की धमकी दी गई थी। डीआइजी मुरादाबाद ने प्रकरण की जांच मुरादाबाद के तत्कालीन सीओ यातायात रामसागर से कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया उन्होंने भी इन पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मानी थी। सात अक्तूबर 2021 को तत्कालीन एसएसपी मुरादाबाद बबलू कुमार ने भी डीआइजी को भेजी अपनी रिपोर्ट आरोपियों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति की थी। बावजूद इसके आरोपी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। लिहाजा पीड़ित नवाब अली ने अदालत की शरण ली। शुक्रवार को इस मामले में सीजेएम डॉ दिव्यानंद द्विवेदी ने आरोपी सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश नगर कोतवाली पुलिस को दिए हैं।
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शाहजहांपुर में तैनात हैं आरोपी इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह
आरोपी इंस्पेक्टर कोतवाल रविंद्र सिंह की वर्तमान तैनाती जनपद शाहजहांपुर में है। दरोगा लोकेंद्र त्यागी (अब निरीक्षक) मुरादाबाद में गलशहीद थाने के प्रभारी हैं। राजेंद्र सिंह पुंडीर गजरौला थाने की ब्रजघाट चौकी प्रभारी हैं। जबकि दरोगा अनीस अहमद सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं सिपाही प्रमोद कुमार का तबादला भी अमरोहा कोतवाली से कहीं दूसरी थाने के लिए हो चुका है।
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