अमरोहा। मानसिक रूप से कमजोर 13 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और पत्नी बनाकर रखने के मामले में सहारनपुर निवासी दोषी कुंवरपाल उर्फ काले को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह पूरी रकम पीड़िता को देनी होगी। गिरफ्तारी के बाद से ही कुंवरपाल उर्फ काले जेल में बंद है, उसके जमानत नहीं मिल सकी थी।
यह मामला डिडौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। यहां पर किसान का परिवार रहता है। 12 अप्रैल 2024 को किसान की मानसिक रूप से कमजोर 13 वर्षीय बेटी अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की काफी तलाश के बाद भी वह नहीं मिली। लिहाजा, परिजनों ने 16 अप्रैल 2024 को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने सहारनपुर जिले के थाना तीतरो क्षेत्र के गांव पूजना निवासी कुंवरपाल उर्फ काले के घर से किशोरी को बरामद किया। बरामदगी के समय किशोरी गर्भवती थी। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया और बयान दर्ज किए। जबकि आरोपी कुंवरपाल को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। इसी दौरान पीड़िता ने एक बेटे को जन्म दिया।
पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए किशोरी, नवजात और आरोपी के डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। डीएनए रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी ने आठ गवाह पेश किए।
न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर पांच मई को आरोपी कुंवरपाल को दोषी करार दिया था। बृहस्पतिवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट तृतीय ने दोषी कुंवरपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।