घर लौटते समय मेला रेस्टोरेंट के ठेकेदार प्रमोद कुमार (35) की हादसे में मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी भी ठेकेदार को तड़पता छोड़ गए। करीब एक घंटे तक वह तड़पते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल नहीं पहुंचाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। हादसा स्थल पर ठेकेदार की स्कूटी के अलावा एक बाइक खड़ी मिली है। यह बाइक किसकी है, पुलिस जांच कर रही है।
मृतक ठेकेदार प्रमोद कुमार गजरौला थानाक्षेत्र के वरसावाद गांव निवासी किसान लेखराज सिंह के बेटे थे। प्रमोद के परिवार में पत्नी पुष्पा के अलावा तीन बच्चे हैं। तीन भाइयों में सबसे बड़े प्रमोद मेला रेस्टोरेंट पर लगे खाने-पीने के स्टॉल की ठेकेदारी करते थे। परिजनों के मुताबिक प्रमोद रविवार रात साझेदारी ठेकेदारों के साथ रेस्टोरेंट पर थे।
सोमवार सुबह करीब चार बजे वह स्कूटी से घर के लिए निकले थे। उन्होंने हेलमेट लगा रखा था। वह मोगा रेस्टोरेंट के पास सर्विस रोड पर पहुंचे तो किसी वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गए। हादसा करने वाले आरोपी उन्हें तड़पता छोड़कर भाग गए। करीब एक घंटे तक प्रमोद कुमार घायल अवस्था में तड़पते रहे, लेकिन किसी ने उन्हें अस्पताल नहीं पहुंचाया।
करीब छह बजे मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रमोद कुमार के परिजनों को हादसे की जानकारी दी। गंभीर हालात में उन्हें लेकर गजरौला सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ठेकेदार प्रमोद की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी पत्नी पुष्पा का रो-रोकर बुरा हाल है। डॉक्टरों के मुताबिक अगर प्रमोद कुमार को समय से इलाज मिलता तो उनकी जान बच सकती थी। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।