अमरोहा। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दुर्घटना में मृत किसान के बीमा क्लेम को गलत आधार पर निरस्त करना बीमा कंपनी को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को मृतक की नामिनी को दो लाख रुपये की बीमा राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक एवं आर्थिक क्षति के लिए 15 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान करने के निर्देश भी दिए हैं।
मामला अमरोहा निवासी किसान रविंद्र से जुड़ा है। उन्होंने अपने बैंक खाते के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराया था। बैंक ने 26 मई 2022 को 12 रुपये का वार्षिक प्रीमियम काटकर बीमा का नवीनीकरण भी किया था। बीमा में उनकी पत्नी अनीता देवी नामिनी थीं। 26 जुलाई 2022 को सड़क हादसे में रविंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान वह कोमा में चले गए और 15 नवंबर 2022 को उनकी मृत्यु हो गई।
मामले में थाना बछरायूं में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल किया। पति की मौत के बाद अनीता देवी ने बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया, लेकिन बीमा कंपनी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट का उल्लेख होने का हवाला देते हुए दावा खारिज कर दिया। इसके बाद अनीता देवी ने जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली। आयोग के अध्यक्ष रमाशंकर सिंह और महिला सदस्य अंजू रानी दीक्षित ने मामले की सुनवाई के दौरान एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल अभिलेख और पुलिस रिपोर्ट का परीक्षण किया। आयोग ने माना कि रविंद्र की मृत्यु सड़क दुर्घटना में लगी गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान हुई थी। आयोग ने बीमा कंपनी द्वारा क्लेम निरस्त किए जाने को अनुचित ठहराते हुए बीमा राशि ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए।