14 करोड़ से बन रहा कुमराला-चकनवाला मार्ग का निर्माण शुरू हो गया है। पहले से करीब पौने दो मीटर चौड़े बनाए जा रहे मार्ग पर सीमेंट व पत्थर की पहली परत डालने का काम पूरा हो चुका है। दस सेंटीमीटर पत्थर की एक और परत के बाद जल्द डामर का काम शुरू किया जाएगा। 3.75 मीटर चौड़ा 10 किलोमीटर लंबा यह मार्ग अब साढ़े पांच मीटर चौड़ा होगा। मार्ग के बनन से क्षेत्र के करीब 40 गांवों के लोगों को फायदा होगा।
गजरौला में पक्के पुल से करीब 200 मीटर तिगरी की ओर तिगरी मार्ग से कुमराला-चकनवाला मार्ग शुरू होता है। दस किलोमीटर लंबे इस मार्ग से 40 गांवों के लोगों का आना जाना होता है। 3.75 मीटर चौड़े बदहाल हो चुके इस मार्ग में जगह-जगह गड्ढे हो चुके थे जिससे राहगीरों को निकलने में परेशानी होती है। वहीं, बारिश होने पर स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती थी। वाहन चलाते समय हादसे की आशंका रहती थी। वहीं, वाहन भी जल्द खराब हो रहे थे।
खादर के क्षेत्र के इस मार्ग को बनवाने और चौड़ा करवाने के लिए लोगों ने विधायक राजीव तरारा से कई बार मांग की थी। विधायक तरारा के सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने मुद्दा उठाने पर 3.75 मीटर चौड़ी सड़क को साढ़े पांच मीटर चौड़ी बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया था। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग ने जून में सड़क चौड़ी कर बनाने का काम शुरू कर दिया।
गाजियाबाद से किराए पर मंगाई एक मशीन ने सड़क के पत्थर को उखाड़ने के बाद तोड़ा। मशीन ने उसमें सीमेंट मिलाकर उसी स्थान पर डाला। फिर उस पर एक महीने तक तीन रोलर घुमाए गए। ताकि सड़क अच्छी तरह से मजबूत हो जाए। दस सेंटीमीटर मोटी पहली परत डालने का यह काम पूरा हो गया। अब कुछ दिनों बाद इस पर डामर की दो परत डाली जाएंगी। पहली परत पांच सेंटीमीटर मोटी और दूसरी तीन सेंटीमीटर मोटी होगी।
इन गांवों के लोगों को होगा फायदा
चकनवाला, बहलोलपुर, नगलिया मेव, अली नगरी, मुरादपुर, शीशोवाली, ढाकोवाली, कसेरूआ, नौनेर, डोगरा पट्टी, गंगापुरी आदि गांवों के लोगों को इसका फायदा मिल सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि वह काफी लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण की मांग उठा रहे थे।
- सड़क निर्माण में सभी मानक का ध्यान रखा गया है। पांच साल के अंतराल में सड़क पर कुछ काम किए जाने के बाद यह 15 साल तक नहीं टूटेगी। इस पर 14 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कोशिश है कि इस सड़क को दो महीने में पूरा कर लिया जाए। जिससे यातायात संचालित हो सके।- रणवीर सिंह, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी