डिडौली/बछरायूं (अमरोहा)। ड्रोन और चोर की अफवाहें अब सामान्य लोगों का जीवन खतरे में डालने लगी हैं। जिले में शुक्रवार की रात पतेई खालसा और बछरायूं में जो हुआ वह अफवाहों से पैदा हुए बड़े खतरे को स्पष्ट कर रहा है। दोनों ही क्षेत्रों में ऐसे लोग हिंसा का शिकार हुए जिनका कोई कसूर नहीं था। सिर्फ ड्रोन व चोर की दहशत से पैदा हुए उन्माद ने साधारण ग्रामीणों को हिंसक बना दिया।
पानीपत में मेहनत करके चार पैसे कमाने वाले मोहम्मद आसिफ अपने साथी मुशाहिद, अंकित, तहजीबुल संभल के असमोली थानाक्षेत्र के मिलकपुर नवादा स्थित अपने घर जा रहे थे। संभल के ही एक शख्स की कार में सवार थे। गूगल मैप से रास्ता भटकने पर पतेई खालसा पहुंचना उनके लिए जानलेवा हालात जैसा साबित हुआ। ड्रोन और चोर से गांव की रखवाली का दावा करने वाले लाठी-डंडाधारियों ने न उनसे पूछताछ की और न उनके गांव तक आने का मकसद जाना। उनकी दुहाई को अनसुना कर बेरहमी से पीटा। इस भीड़ में घिरकर बुरी तरह घायल हुए अंकित और तहजीबुल अब आईसीयू में हैं। परिजन उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। लोगों का जुनून इतने पर ही नहीं थमा। युवकों की कार को भी डंडे बरसाकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
कुछ ऐसा ही झेला बछरायूं निवासी ठेके पर बाग लेने वाले मोहम्मद उमर ने। शुक्रवार की रात नसीरपुर स्थित बाग की रखवाली करते समय उमर के साथ भाई इस्लाम, इस्लाम का बेटा जुमा, दो मददगार डालचंद व सलीम भी थे। बाग में चोरों के छिपे होने की अफवाह के बीच हथियारबंद कुछ लोगों ने धावा बोल दिया। इन सभी को लहूलुहान करने के साथ इनकी दो कारें तोड़ डालीं। उन्मादी भीड़ का शिकार इन सभी को अस्पताल पहुंचना पड़ गया।
पुलिस काफी समय से लोगों को ड्रोन और चोरों के भ्रम से उबारने की कोशिश कर रही है। लगातार बताया जा रहा है कि यह सिर्फ अफवाहें हैं लेकिन लोगों को दहशत से बाहर लाने में पुलिस अभी कामयाब नहीं हो सकी है। जबकि सख्ती के क्रम में पुलिस ने कुछ दिन पहले ड्रोन देखने की अफवाह फैलाने में आदमपुर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज की है। यही नहीं एसपी के निर्देश पर जिले में ड्रोन रखने वालों व फोटोग्राफरों को तीन दिन बैठक के नाम पर रात आठ से 12 बजे तक थाने में बैठाए रखा। इससे आसमान में ड्रोन दिखने के दावे तो घटे लेकिन चोरों के शक में हमले काबू नहीं हो पा रहे हैं।
पानीपत में रुई की फैक्टरी में काम करते हैं संभल के युवक
पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों की पिटाई का शिकार हुए संभल जिले के सभी युवक पानीपत में रुई की फैक्टरी में काम करते हैं। जिस कार से अपने गांव जा रहे थे, वह संभल के ही तौफीक के नाम है। घटना के समय मोहम्मद आसिफ कार को चल रहा था लेकिन जैसे ही ग्रामीणों ने घेरा तो वह व तौफीक अपने तीन साथियों के साथ जान बचाकर भाग निकला, जबकि तहजीबुल व अंकित हमलावरों के चंगुल से नहीं निकल सके।
बीमार मां को देखने घर जा रहा था अंकित
पुलिस के मुताबिक ग्रामीणों की पिटाई से घायल अंकित परिवार का इकलौता बेटा है। उसके पिता रमेश की करीब दस साल पहले मौत हो चुकी है। मां कुसुम बीमार हैं। वह उनको देखने के लिए ही साथियों संग गांव जा रहा था।
हलुपुरा व कुछ गांवों के ऊपर रंग बिरंगी लाइट दिखने का दावा
मंडी धनौरा। शु्क्रवार की रात करीब नौ बजे गांव हलुपुरा, मुकारी, गालिबबड़ा, घंसूरपुर के ऊपर आसमान में रंग बिरंगी लाइट दिखने के दावे सामने आए। इस तरह की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। हलुपुरा के रोहित ने बताया कि उनके मकान के ऊपर कई बार ड्रोन की लाइटें दिखाई दीं। करीब 11 बजे के बाद वह रंग बिरंगी लाइट दिखनी बंद हो गई। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई।
कानून हाथ में लेने वालों पर होगी कार्रवाईः सीओ
मंडी धनौरा की सीओ अंजलि कटारिया ने लोगों से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अफवाहों पर ध्यान न दें। ड्रोन दिखने या डराने वाली कोई भी सूचना पुलिस को दें।