अमरोहा/सैदनगली। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के विलय के विरोध में कांग्रेस के रेल रोको अभियान के तहत सैदनगली में जमकर हंगामा हुआ। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर रेल रोकने अमरोहा जा रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह कटारिया को उनके कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने सैदनगली में ही रेलवे ट्रैक पर जाने से रोक दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद कांग्रेसियों को घर में नजरबंद कर दिया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह कटारिया ने पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र का हनन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया है ताकि वे प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। उनका कहना है कि सरकार का स्कूलों को मर्ज करने का फैसला शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगा और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को प्रभावित करेगा।
आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार युवाओं किसानों शिक्षकों के विरोध में निर्णय ले रही है। जन विरोधी कार्य किये जा रहे हैं। इसे सहन नहीं किया जाएगा। उधर, हसनपुर में भी पुलिस ने नजरबंद कर दिया। शनिवार की सुबह को पुलिस कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष तारीक मोहम्मद खान के घर पहुंंच गई।
शाम तक पुलिस कर्मी उनके आवास पर बैठे रहे। इस दौरान जयपाल सिंह जाटव ने कहा कि प्रदेश की सरकार मानवधिकारों को कुचलने की कोशिश कर रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। सीओ दीप कुमार पंत ने बताया कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें रोका गया। पूरी तरह से शांति व्यवस्था बनी हुई है।
ये लोग हुए नजरबंद
-नजरबंद होने वालों में जिला अध्यक्ष ओमकार कटारिया, राजपाल सैनी, राजपाल सिंह, अफसर अली सैफी, मनोज कटारिया, नदीम, रियासत, दीपक जाटव, शाकिर मसूदी, महबूब चौधरी, सोनूपाल, शहाबुद्दीन सैफी, विपिन सागर रहे। हसनपुर में पुलिस ने तारिक मोहम्मद खान, वरिष्ठ नेता जयपाल सिंह जाटव प डाॅ. इरफान को अमरोहा जाने से रोकते हुए घर पर ही नजरबंद कर लिया। शाम तक पुलिस ने उन्हें नजरबंद करे रखा।