मंडी धनौरा। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक ने अपने पिता व पत्नी के साथ मिलकर 18 लोगों से दस लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने सभी को सिक्युरिटी गार्ड के जाली आई कार्ड भी जारी कर दिए। एयरपोर्ट पर ज्वाइनिंग के लिए जाने पर हकीकत का पता चला। पीड़ितों की तहरीर पर युवक व उसकी पत्नी और पिता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
गांव पपसरी खादर निवासी कपिल कुमार द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार संभल जिले के एचोड़ा कंबोह थानाक्षेत्र के गांव पेली निवासी गौरव निवाली ने उसे बताया था कि उसके संबंध दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़े अफसरों से हैं। वहां सिक्युरिटी गार्ड की वेकेंसी निकली हुई है। प्रति माह 28,700 रुपये मिलेंगे। कपिल के मुताबिक गौरव ने बताया कि प्रति व्यक्ति 63 हजार रुपये का खर्चा आएगा।
आरोप है कि गौरव की बात पर विश्वास कर बीती सात जुलाई को उसने व गांव के 17 अन्य युवकों ने पेशगी बतौर पौने दो लाख रुपये गौरव व उसके पिता छिद्दा को दे दिए। 22 जुलाई को गौरव ने सभी को ट्रेनिंग के लिए दिल्ली बुला लिया। वहां एमएस रक्षा सिक्युरिटी सर्विस लिमिटेड में ट्रेनिंग कराने के लिए 7500 रुपये प्रति आवेदक के हिसाब से जमा करा लिए। वहां एक महीने की ट्रेनिंग कराई गई। 23 अगस्त को आरोपी गौरव ने सभी को दिल्ली एयरपोर्ट बुला लिया। वहां ममता नामक महिला अधिकारी से मिलवाया।
पत्नी को ही अधिकारी बनाकर मिलाता था आरोपी
उसने सिक्युरिटी रुपये जमा कराने के नाम पर सभी से सात लाख रुपये जमा करा लिए। कपिल का आरोप है कि गौरव ने उन लोगों को एयरपोर्ट सिक्युरिटी के फर्जी आई कार्ड जारी कर दिए। आरोपियों से ज्वाइनिंग कराने के लिए कहने पर वे टालमटोल करते रहे। एयरपोर्ट पर जाने पर पता लगा कि सभी कार्ड फर्जी है। बाद में जानकारी हुई कि एयरपोर्ट में मिली महिला अधिकारी ममता, गौरव की पत्नी है। वह लोगों से अधिकारी बन कर मिलती है। पीड़ितों ने गौरव से धनराशि वापस करने के लिए कहा तो परिणाम भुगतने की धमकी देने लगे। पीड़ितों ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई। प्रभारी निरीक्षक बालेंद्र कुमार ने बताया कि तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।