रहरा। मलकपुर की महिला ग्राम प्रधान नीलम देवी की प्रसव के दौरान हुई मौत के मामले को स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। सीएमओ डॉ. रमाकांत सागर ने मंगलवार को सीएचसी रहरा पहुंचकर मामले की जांच की। उन्होंने घटना के संबंध में स्टाफ और चिकित्साधीक्षक से बारीकी से पूछताछ की और लापरवाही के आरोपों पर सख्त रुख अपनाते हुए चिकित्साधीक्षक, स्टाफ नर्स व एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए सीएमओ ने एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। इस जांच टीम में डॉ. योगेंद्र सिंह, डॉ. जसकरन, डॉ. रंजना शामिल हैं। सीएमओ ने बताया कि यह टीम पूरे घटनाक्रम, इलाज की प्रक्रिया और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की गहनता से जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। सीएमओ ने बताया कि महिला ग्राम प्रधान की मौत का मामला बेहद गंभीर है। अस्पताल के स्तर पर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में अस्पताल प्रशासन या स्टाफ की तरफ से जरा भी लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यह था पूरा मामला
गौरतलब है कि सोमवार को गंगेश्वरी ब्लॉक के मलकपुर गांव की प्रधान नीलम देवी (40) को प्रसव पीड़ा के चलते सीएचसी रहरा में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि स्टाफ ने प्रसव के एवज में 3,000 रुपये की मांग की थी और एक इंजेक्शन लगाने के बाद नीलम की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर मौके से भागने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था, जिसके बाद महिला को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि, सीएचसी प्रभारी डॉ. शशांक चौधरी ने महिला के पहले से ही पीलिया से ग्रसित होने और गंभीर हालत में रेफर किए जाने की बात कही थी। फिलहाल, सीएमओ की इस कार्रवाई के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।