यह स्थिति तब है कि जब यह कार्य पिछले 22 महीने से चल रहा है। 85 प्रतिशत कार्य पूरा किए जाने का दावा भी किया जा रहा है। बावजूद इसके अमरोहा नगर, हसनपुर, गजरौला व मंडी धनौरा क्षेत्र में जर्जर लाइनें व झूलते तारों का जाल देखा जा सकता है। लापरवाही और सुस्त गति से चल रहे इस काम का खामियाजा गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं को झेलना पड़ सकता है।
अमरोहा जिले में चार डिविजन हैं। इनमें करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ता हैं। जिले में बदहाल बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अप्रैल 2023 में रिवैंप योजना के तहत 171 करोड़ रुपये का बजट मिला। जिसमें शहर से लेकर गांव देहात तक गल चुके बिजली, जर्जर लाइनें, केबल बाक्स व ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि समेत अन्य कई कार्य किए जान प्रस्तावित थे। इसका काम की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दी गई। उम्मीद थी कि जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी। लेकिन, 22 माह बाद भी गली मोहल्लों से लेकर अन्य प्रमुख चौराहों पर जर्जर लाइनों व गले हुए खंभों को देखा जा सकता है। बुधवार को जिलेभर में व्यवस्था को देखा गया तो हाल पहले जैसे ही नजर आए, जो विभागीय लापरवाही को उजागर कर रहे हैं।
कई मोहल्लों में झूल रहे तार व तिरछे हैं खंभे
अमरोहा। बुधवार को अमरोहा नगर की पड़ताल की गई तो कई जगह जर्जर लाइन और तारों के गुच्छे बने नजर आए। वहीं, खंभे भी तिरछे मिले। शहर के मुख्य जगह कही जाने वाली बेगमसराय में कई जगह खंभे तिरछे मिले, जिससे लगातार लोगों को हादसे का डर सता रहा है। वहीं, मोहल्ला नखासा, कोट चौराहा, आजाद रोड, कटरा गुलाम अली व बिजनौर रोड पर जर्जर तार झूलते नजर आए। वहीं, आलम यह भी था कि खंभों पर तारों व केबल का जाल बना है। ऐसे में फाल्ट हो जाए तो बड़ा हादसा होने के साथ-साथ घरों व दुकानों के उपकरण खराब होने के साथ शॉर्ट सर्किट होने का डर बना रहता है। अमरोहा में देखकर साफ हो गया कि विभागीय योजना कितनी परवान चढ़ पाई है।
गले खंभों पर पाॅलिथीन लपेटकर चलाया गया काम
गजरौला। योजना के तहत जर्जर तार और पुराने खंभे बदलवाने के लिए बिजली विभाग ने काम कराया। मगर नगर में अभी भी बहुत स्थानों पर जर्जर खंभे लगे हैं। उनको नहीं बदला गया है। आलम यह है कि गले खंभों को छिपाने के लिए एंगल लगाकर वैल्डिंग कर दी गई। उसके बाद उन पर काली पॉलिथीन लपेट कर कारगुजारी को छिपा दिया गया। गजरौला के मोहल्ला जलाल नगर व मझोला रोड पर कई जगह खंभों का हाल ऐसा ही मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश में कभी भी इन पर करंट भी उतर आता है। जिससे हादसे का डर बना रहता है।
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टूटे हुए विद्युत पोल दे रहे हादसों को न्योता
हसनपुर। बिजली विभाग द्वारा भले ही नई विद्युत लाइन लगाई हैं, लेकिन कई स्थानों पर जर्जर विद्युत पोल खड़े हैं। जो हादसों को न्योता दे रहे हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। हसनपुर की मोहल्ला राजपूत काॅलोनी में पंजाब नेशनल बैंक के पास टूटे हुए पोल से लाइन गुजर रही है। जो कभी भी गिर सकता है। इसके अलावा इसी मार्ग पर अतरासी चौराहा की दिशा में झुके हुए पोल से लाइन गुजर रही है। अस्पताल रोड पर लोहे के झुके हुए पोल से लाइन गुजर रही है। लोगों का कहना है कई बार पोल बदलवाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। उधर, मंडी धनौरा में लगभग ऐसी ही स्थिति है। यहां भी दावे हवाई साबित हो रहे हैं।
समयावधि बीती, फिर भी बाकी रह गया काम
अमरोहा। रिवैंप योजना को लेकर कंपनी को कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था। अधिकारियों के मुताबिक कंपनी को 10 जनवरी 2025 तक कार्य पूरा करने का समय था, जो बीत गया है। यही नहीं अभी काम बचा हुआ है। जिसे पूरा करने लंबा समय लग सकता है। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि गर्मी के मौसम में लोगों को कटौती व फाल्ट समेत अन्य समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।
- रिवैंप योजना के तहत जिलेभर में काम किया जा रहा है। यह सही है कि कंपनी की ओर से धीमी गति से कार्य किया गया। जिसके लिए कंपनी को नोटिस भी दिए गए। जिसके बाद काम में तेजी आई। जहां-जहां तार और बदहाल खंभे बदलने का कार्य रह गया है। उन्हें भी जल्द बदला जाएगा। साथ ही विभागीय टीम को मौके भेजकर दिखवाया जाएगा।
- सुनील कुमार, एसई अमरोहा