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घुमंतू परिवारों का जातिगत आंकलन में जुटा प्रशासन

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अमरोहा। जनपद में इधर-उधर डेरा जमाकर रहने वाले घुमंतू परिवारों पर सरकार की निगाहें टिकीं हैं। सरकार ने जिला प्रशासन से पूछा है कि जनपद में कितने घुमंतू परिवार हैं, उनकी जाति क्या है। उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ मिल पर रहा है या नहीं। अगर नहीं मिल रहा तो क्यों नहीं। सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन घुमंतू परिवारों का जातिगत आंकलन करने में जुट गया है।
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अमरोहा जनपद के हसनपुर, धनौरा, गजरौला, उझारी और नौगांवा सादात समेत अलग-अलग क्षेत्र में घुमंतू परिवार डेरा जमाकर रहते हैं। हालांकि यह लोग वर्षों से यहां अस्थाई मकान बनाकर रहते हैं। यह लोग सरकार की योजनाओं से हमेशा वंचित रहते रहे हैं। कई बार यह परिवार योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अफसरों के चक्कर काटते हैं। इतना ही नहीं समय-समय पर जिला प्रशासन और पुलिस इन परिवारों केे हटाकर दूसरे स्थानों पर भेज देते हैं। इन लोगों पर अपनी खुद की पहचान भी नहीं होती। अस्थाई रूप से रहने वाले इन लोगों को सरकारी योजनाओं को लाभ नहीं ले पाते। अब भाजपा सरकार ने घुमंतू परिवारों के लिए पहल की है। जिला प्रशासन को पत्र भेजकर जनपद में रहने वाले घुमंतू परिवारों का आंकलन करने के निर्देश दिए हैं। पूछा गया है कि जिले में कितने घुमंतू परिवार रहते हैं। उनकी संख्या कितनी है? उनकी जाति क्या और व्यवसाय क्या है। उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। अगर नहीं मिल रहा तो क्यों नहीं मिल रहा? अगर घुमंतू परिवारों को सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी नहीं तो उन्हें इसकी जानकारी दी जाए। शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन घुुमंतू परिवारों के जातिगत आकलन करने की कवायद शुरू कर दी है।
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