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Amroha News: शहर के पार्क बने चारागाह, असुविधाओं का अंबार

Tue, 26 Aug 2025 02:14 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
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अमरोहा आवास विकास द्वितीय के पार्क में गिरी पड़ी बैंच। संवाद
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अमरोहा। शहर की पॉश कॉलोनियों में पार्क चारागाह बन गए हैं। यहां घोड़े व अन्य मवेशी घास चरते हैं। आंतरिक मार्ग झाड़ियां की गिरफ्त में है। अधिकांश पार्कों की स्ट्रीट लाइटिंग खराब हैं। बच्चों को खेलने के लिए लगे झूले भी गिर गए हैं। वहीं, कुछ को जंग लग गया है। ऊंची घास और झाड़ियों के कारण घूमने आने वाले लोग दहशत में रहते हैं। सांप व अन्य कीड़ाें के काटने का डर सताता है। पार्कों की सड़कें भी टूटी हुई हैं। यह सब जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण हो रहा है।
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40 वार्ड में विभाजित अमरोहा नगर पालिका में आठ पार्क हैं। इसके अलावा दो पार्क ऑफिसर्स कॉलोनी में है। शहर की पॉश कॉलोनी आवास विकास में छह पार्क हैं लेकिन सभी पार्कों की हालत दयनीय है। कॉलोनी आवास विकास प्रथम व द्वितीय के छह पार्कों की देखरेख नगर पालिका करती है लेकिन छह में से पांच पार्कों की हालत बेहद खराब है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने पार्कों की पड़ताल की। इस दौरान पार्कों में बड़ी-बड़ी घास खड़ी हुई है। जबकि पार्कों में पानी की व्यवस्था नहीं है।
द्वितीय कालॉनी के पार्क में हैंडपंप खराब पड़ा है। बच्चों के लिए झूलों की व्यवस्था नहीं है। एक पार्क में बेंच तो लगी है लेकिन टूट गई है। इसके साथ ही गंदगी का अंबार है। पार्कों में लाइन तो है, लेकिन पानी नहीं आता। स्थानीय लोगों की शिकायत करने के बाद भी नगर पालिका के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे। पार्क में घास बड़ी होने के कारण मोहल्ले वालों को सांप व अन्य जहरीले कीड़ों के होने के डर सताता है।
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ऑफिसर्स कॉलोनी के पार्कों की स्थिति भी दयनीय
ऑफिसर्स कॉलोनी में भी विकास कार्यों के नाम पर पैसे पानी की तरह बहाए जा रहा है लेकिन यहां के पार्कों की स्थिति खराब है। जब ऑफिसर्स कॉलोनी पार्क की हालत भी ठीक नहीं है। ऐसे में जिम्मेदारों से दूसरी कॉलोनी में बने पार्कों के सौंदर्यीकरण या स्वच्छता की क्या उम्मीद की जा सकती है। ऑफिसर्स कॉलोनी की स्थिति यह है कि पार्कों में बड़ी घास उग आई है। बच्चों के खेलने कूदने के लिए भी मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं कॉलोनी की सड़कों की साफ-सफाई तक नहीं होती। यह स्थिति तब है, जब एसडीएम समेत तमाम अधिकारी इस कॉलोनी में रहते हैं। डीएम और एडीएम के आवास भी इस कॉलोनी के पास ही हैं। कॉलोनी की नालियों में गंदगी पसरी हुई। सड़कों के दोनों साइडों में बड़ी-बड़ी घासें उग आईं हैं। बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियों में सांप व अन्य जहरीले कीड़े देखे जाते हैं। कॉलोनी में सभी अधिकारी रहते हैं, इसलिए आवाज उठाने से हर कोई डरता है।
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डीएम आवास के सामने पार्क के सौंदर्यीकरण में किए लाखों खर्च
नगर पालिका की ओर से डीएम आवास के सामने बने बदहाल पार्क में लाखों रुपये खर्च करके उसका सौंदर्यीकरण कराया गया। ये पार्क साहब के घर के सामने हैं, इसलिए इसको बेहतर तरीके से डिजाइन किया गया है। जबकि जिम्मेदारों को अफसरों के आवासीय कॉलोनी की ओर कतई ध्यान नहीं है।
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बिजली के जाते ही पार्कों में पसर जाता है अंधेरा
ऑफिसर्स कॉलोनी के पार्कों की स्थिति भी शहर की कॉलोनियों के पार्कों की जैसी है। भले ही उसमें पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी और उनके परिवार के सदस्य रहते हैं। लेकिन अगर रात के समय इस कॉलोनी में भी बिजली चली जाए तो पार्कों में अंधेरा पसर जाता है।
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जब गिनती में नहीं सुबोध नगर का पार्क तो कैसे मिलें सुविधाएं
सुबोधनगर काॅलोनी वासियों की वर्षों बाद भी न ग्रामीणों में गिनती है और न अभी तक शहरी है। इसके चलते इकलौता पार्क मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बदहाली के आंसू बहा रहा है। जगह-जगह गंदगी पसरी है जिसके चलते बच्चे और बुजुर्ग घूमने जैसी सुविधाओं से वंचित हैं। काॅलोनी को आबाद हुए लगभग बीस वर्ष से अधिक हो गए। जिसमें टहलने और बच्चों के खेलने की सहूलियत के हिसाब से शिव मंदिर के सामने एक पार्क का निर्माण कराया था, लेकिन आज तक सरकार व पालिका की ओर से कोई सुंदरीकरण व अन्य सुविधा नहीं मिल पाई हैं। यहां के रहने वाले लोग बिजली, पानी, सड़क और सफाई जैसी व्यवस्था को एक जमाने से तरस रहे हैं।

बरसात के मौसम में पार्कों की घास बड़ी हो जाती है। पार्कों में लाइट भी हैं। अगर कोई लाइट खराब है तो उसे ठीक कराया जाएगा। नगर पालिका की ओर से आने वाले दिनों में पार्कों का सौंदर्यीकरण करने की भी तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।- डॉ. बृजेश सिंह, ईओ अमरोहा
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