यूपीसीडा के प्रबंधक गोपाल प्रसाद ने बताया कि कार्रवाई की जद में आए हैं तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक तेजवीर सिंह, अधिशासी अभियंता अजीत सिंह और दीपचंद। ये तीनों उस समय अलीगढ़ के निर्माण खंड-4 में तैनात थे। तब गजरौला में औद्योगिक विकास का काम अलीगढ़ से ही नियंत्रित होता था। उस समय गजरौला क्षेत्र में नाईपुरा खादर की 1756 एकड़ और फाजिलपुर गौसाईं गांव की 151.32 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। मामला पकड़ में आने तक तीनों अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए।
यूपीसीडा के बरेली निर्माण खंड-11 के वरिष्ठ प्रबंधक राजीव कुमार और क्षेत्रीय प्रबंधक मंसूर कटियार ने जांच की, तो गबन की बात सामने आई। मांगने पर भी तीनों ने जवाब नहीं दिया। लिहाजा तीनों के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सीओ श्वेताभ भास्कर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली है।