दो साल में एक ही गांव में दस लोगों की कैंसर से मौत हो गई, मगर अफसर बेफिक्र हैं। लोगों की शिकायत और सत्तारूढ़ दल सपा के विधायक अशफाक अली की चिट्ठी के बाद भी अफसरों को कोई फर्क नहीं पड़ा।
लोगों की सेहत के लिए जवाबदेह विभाग के जिले के मुखिया तो और भी बेफिक्र निकले, उन्हें पता ही नहीं कि कूबी गांव में क्या हो रहा है। ध्यान दिलाए जाने पर अनमने से बोले- कोई आदेश मिलेगा तो टीम भेजकर दिखवा लेंगे। उधर, डीएम को दिए गए प्रार्थना पत्र पर भी कुछ नहीं हुआ।
जोया ब्लाक का गांव कूबी कैंसर के शिकंजे में फंस गया है, लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसर बेफिक्र हैं। इस संबंध में बुधवार को ग्रामीणों ने डीएम से गुहार लगाई थी। इस पर उन्हें टीम भेजे जाने का आश्वासन भी मिला था। इससे सुबह से ही ग्रामीण प्रधान अंशु चौधरी के आवास पर आकर बैठ गए थे। उम्मीद थी कि अखबारों में खबर छपी है, अधिकारी और डाक्टर गांव आएंगे। लेकिन शाम तक कोई अधिकारी पूछने तक नहीं आया।
गांव के राजवीर सिंह का कहना है कि प्रशासन गांव वालों की जिंदगी से बेपरवाह है। गांव के संजीव का कहना है कि अधिकारियों के नहीं पहुंचने से गांव में आक्रोश है। अफसरों को हमारी कोई चिंता नहीं है, वर्ना बीमारी फैलने की वजह पता लगाते।