अमरोहा। गन्ने का सीजन है, लिहाजा सड़काें पर ओवरलोड गन्ना वाहनों की भरमार है। रोक के बावजूद भी गन्ना लदे ट्रैक्टर ट्राॅले भी सड़कों पर खूब सरपट दौड़ रहे हैं। जिन प्रशासन की और से कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। जिले में 117 ट्रैक्टर ट्राॅले शुगर मिलों को गन्ना पहुंचा रहे हैं। अब गन्ना विभाग ने इस पर रोक के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखा है।जिले की तीन शुगर मिलों समेत कुल 10 मिलों किसानों का गन्ना पेराई के लिए पहुंचता हैं। जिले भर में 317 क्रय केंद्रों पर किसानों से गन्ने की खरीद होती है। किसान भैंसा बुग्गी अथवा ट्रैक्टर ट्राॅलियों के जरिए गन्ना क्रय केंद्राें पर पहुंचाता है। लेकिन, क्रय केंद्रों से शुगर मिल को गन्ना पहुंचाने के लिए ट्रकों के अलावा ट्रैक्टर ट्राॅलों का इस्तेमाल किया जाता है। रोक के बाद भी शुगर मिल लागत कम करने के लालच में ट्रैक्टर ट्राॅलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गन्ना विभाग के अनुसार जिले में 117 ट्रैक्टर-ट्राॅले शुगर मिलों को क्रय केंद्रों से गन्ने की आपूर्ति कर रहे हैं।
डीसीओ के अनुसार पिछले दिनों मंडलायुक्त कार्यालय पर हुई बैठक में इन ट्रैक्टर ट्राॅलाें से गन्ने की ढुलाई पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। अब गन्ना विभाग ने शुगर मिलों को इनकी जगह ट्रकों से ढुलाई कराने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही गन्ने की ढुलाई करने वाले ट्रैक्टर ट्रालों पर कार्रवाई के लिए डीसीओ की और से परिवहन विभाग को पत्र भी लिखा गया है।
00
खर्च कम करने को होता है ट्रैक्टर ट्राॅलों का इस्तेमाल
शुगर मिलों द्वारा अपने खर्च को कम करने के लिए नियमों को ताक पर रखकर ट्रैक्टर ट्राॅलों का इस्तेमाल किया जाता है। अक्सर यह ट्रैक्टर ट्राॅले हादसों का सबब भी बनते हैं। गन्ना विभाग के आंकड़ों के अनुसार करीमगंज स्थित शुगर मिल के 26, बेलवाड़ा स्थित शुगर मिल के 18, चंदनपुर स्थित शुगर मिल के 48 व हसनपुर-गजरौला शुगर मिल के 25 ट्राॅले क्रय केंद्रों से गन्ने की ढुलाई कर रहे हैं।
00
- मंडलायुक्त कार्यालय पर हुई बैठक में ट्रैक्टर ट्रालों से गन्ने की ढुलाई पर रोक लगाए जाने के निर्देश मिले थे। शुगर मिलों को इन ट्रालों को हटाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही परिवहन विभाग को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
- मनोज कुमार, डीसीओ