उझारी में तीर मारकर रावण का दहन करते कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर।
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कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने रावण के पुतले पर तीर चलाकर रावण के पुतले का दहन किया। पहली बार रामलीला में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री के इस क्रिया-कलाप को ज्यादातर लोग गंगा-जमुनी तहजीब की अच्छी मिसाल मान रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे निकट के विधानसभा चुनाव और सियासत की मजबूरी से भी जोड़ कर देख रहे हैं। फिलहाल कमाल ने रावण दहन का कमाल करके लोगों का दिल तो जीत ही लिया।
मस्जिदों के नगर पंचायत उझारी में पैदा हुए खाद्य एवं रसद विभाग कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने सांप्रदायिक सद्भाव को कायम रखने की अनूठी पहल पेश की। मंगलवार शाम करीब छह बजे नगर में रामलीला मंच पर कमाल अख्तर ने भगवान श्रीराम को नमन किया और रामलीला मंच से राम के भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में भाईचारा बहुत जरूरी है।
भाईचारे के बिना इंसानियत ज्यादा दिनों तक जिंदा नहीं रहती। दुनियां से जिस दिन इंसानियत खत्म हो गई। उस दिन सब कुछ खत्म हो जाएगा। कहा कि बुराई के अंत के साथ ही अच्छाई जन्म लेती है।
इसके बाद रामलीला समिति के पदाधिकारियों व रामलीला में राम बने कलाकार के साथ कैबिनेट मंत्री ने मैदान में पहुंचकर बीस फीट ऊंचे रावण के पुतले में तीर मारकर दहन कर दिया। इससे पहले कभी भी कैबिनेट कमाल अख्तर ने उझारी में रावण का दहन नहीं किया।
कैबिनेट मंत्री द्वारा रावण दहन करके समाज में सांप्रदायिक सदभाव को कायम रखने व भाईचारा बनाए रखने का संदेश देने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। भले ही इसमें राजनीतिक लाभ प्राप्त करने का उद्देश्य छिपा हो, लेकिन रावण दहन करके कमाल अख्तर ने क्षेत्र के लोगों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी।