जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री के साथ अजीब स्थिति पैदा हो गई। जनरल वार्ड में मरीजों से हाल-चाल पूछते हुए उनकी नजर बेड पर लेटी बहन की ओर गई। देखते ही मुंह से सिर्फ यही अल्फाज निकले कि कब से यहां भर्ती हो तुम। कोई घर से देखने आया या नहीं...।
बाद में उन्होंने खुलासा किया कि ये मेरी छोटी बहन है। भाई की ये बात सुनते ही बहन की आंखें नम हो गईं। बोली कि- भैया यहां सब मेरी मजाक उड़ाते हैं। कैबिनेट मंत्री की बहन यहां.... कोई मानने को ही तैयार नहीं।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री महबूब अली शनिवार की दोपहर सवा बारह बजे जोया रोड स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में निरीक्षण के लिए पहुंचे। वहां उन्होंने महिला विंग देखने से पहले अस्पताल की व्यवस्थाएं परखने का कार्य शुरू कर दिया।
जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों से बात करते हुए सवाल किया कि दवाएं ठीक मिल रही हैं या नहीं, देखभाल सही हो रही है या नहीं। मरीजों ने उत्तर सही में दिया। इसी दौरान वार्ड के एक कोने में बेड पर वहीदन पत्नी नौशे निवासी गुलड़िया ने हाथ से इशारा कर उनका ध्यान अपनी ओर खींचा। निगाह पड़ते ही मंत्री सन्न रह गए।
तत्काल वहीदन के बेड तक पहुंचे। क्या हुआ और कब से भर्ती हो... सवाल किया। वहीदन ने बताया कि कई दिन हो गए। इसके बाद सीएमएस डा. पीके बंसल ने कहा कि इनको टायफाइड था। 17 अक्टूबर से भर्ती हैं। हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। इसके बाद मंत्री बोले- ये मेरी छोटी बहन है।
सुनते ही वहीदन की आंखें आंसुओं से भर गईं। बोली कि भैया यहां सब लोग मेरी मजाक उड़ाते रहते हैं। कोई नहीं मानता कि मैं तुम्हारी बहन हूं। मंत्री ने पूछा कि कोई घर से आया- उसने कहा कि सकीना भाभी (महबूब अली की पत्नी) आई थीं। काफी देर तक रही थीं। उन्होंने कहा कि कौन इलाज कर रहा है।
किसी ने एक डाक्टर का नाम बता दिया, जिस पर कैबिनेट मंत्री ने उनको फटकार लगाई। हालांकि चिकित्सक का इलाज से कोई वास्ता नहीं था। उनके अस्पताल से जाते ही स्वास्थ्य अधिकारियों के होश फाख्ता हो गए। उन्होंने वहीदन को जनरल से हटाकर प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर देखभाल चालू कर दी।