सैकड़ों लोगों को कंपनी से जोड़ने के बाद किस्तों पर बाइक दिलाने का झांसा देकर क्षेत्र के लोगों से एक करोड़ से अधिक रुपये ठग लिए। रुपये वापस मांगने पर दस लाख रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो पीड़ितों में न्यायालय की शरण ली। अब न्यायालय के आदेश पर डिडौली पुलिस ने पिता-पुत्र समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है। इससे पहले भी पिता-पुत्र पर धोखाधड़ी के तीन केस दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस सभी मामलों को एक साथ जोड़ कर जांच कर रही है।
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के पतेई खालसा निवासी तौफीक आलम का आरोप है कि मूलरूप से डिडौली निवासी फिरोज आलम वर्तमान में अपनी पत्नी शायरून के साथ जनपद संभल के शहबाजपुर कलां गांव में रहता है। जबकि उसका भाई अय्यूब और पिता बदलू खां मुरादाबाद की हिमगिरि कालोनी में रहते हैं। चारों लोग एक साल पहले गांव शहबाजपुर निवासी जुम्मा, अनादिल व आमिर के साथ उनके गांव में आए थे। इस दौरान उन्होंने किस्तों पर बाइक दिलाने की बात कही थी। उन्होंने लोगों को एक कंपनी से जोड़ना शुरू कर दिया। झांसा दिया कि जो व्यक्ति जितने अधिक लोग कंपनी से जोड़ेगा उसे अधिक कमीशन भी मिलेगा। इस प्रकार से तौफीक ने रिश्तेदारों समेत क्षेत्र के सैकड़ों लोग कंपनी से जोड़ लिए। एक करोड़ से अधिक रुपये उनके पास किस्त के रूप में जमा हो गए, लेकिन जब बाइक मांगी तो आरोपियों ने बाइक देने से मना कर दिया। रुपये वापस मांगने पर फिरोज ने 10 लाख रुपये का चेक दे दिया, बाउंस हो गया। तौफीक ने थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। लिहाजा उन्होंने न्यायालय की शरण ली। अब इस मामले में कोर्ट के आदेश पर डिडौली पुलिस ने फिरोज, शायरून, अय्यूब, बदलू खान, जुम्मा, अनादिल और आमिर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसओ सुनील मलिक ने बताया कि इस प्रकरण में पहले भी एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। सभी को एक साथ जोड़कर जांच की जा रही है।